थाना क्षेत्र के गांव दिनौरा में भूतप्रेत को लेकर कहासुनी के बाद दो भाई भिड़ गए। जल्द ही दूसरे भाई भी झगड़े में कूद पड़े, दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। इसमें सिर पर डंडा लगने से एक भाई की मौत हो गई, जबकि एक जख्मी हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, घायल को अस्पताल भेजा, जबकि शव को कब्जे में ले लिया। इधर, वारदात के बाद आरोपी घर छोड़कर भाग गए।
थाना क्षेत्र के दिनौरा निवासी मोहम्मद हब्बी (45) पुत्र मोहम्मद हमीद और उसके भाई रफीक, मकमूल शमशेर-नफीस एक ही घर में रहते थे। इन दिनों मो. हब्बी की बेटी खाजून बीमार थी, जिसको दवाओं का लाभ नहीं हो रहा था। इस पर हब्बी बदायूं ज्यारत पर हाजिरी देने लगा।
आरोप है कि, यहां किसी ने बता दिया कि खातून पर भूत प्रेत का साया है। इसकी वजह मकमूल की पत्नी को बता दिया। मंगलवार शाम हब्बी बेटी को दिखा कर बदायूं से आया था। इस बीच शाम सात बजे शिकायत करने पर महिलाओं में झगड़ा होने लगा। विवाद पर घर के सभी पुरुष भी जुट गए।
धीरे-धीरे मामला बढ़ता गया, महिलाओं की लड़ाई के बाद मो. हब्बी और रफीक में झगड़ा हो गया। इसमें दूसरे भाई भी कूद पड़े, रफीक के पक्ष में मकमूल और शमशेर हो गए, जबकि नफीस बीच बचाव करने लगा।
इसी बीच मो. हब्बी के सिर में एक डंडा लग गया, हब्बी का सिर फटते ही चीख पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। थानाध्यक्ष रामपाल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, मगर तब तक हब्बी दम तोड़ चुका था। मारपीट में मृतक के भाई रफीक के सिर में भी डंडा लग गया था, घायल को पुलिस ने उपचार के लिए भेज दिया।
वहीं आरोपी भाई भी घटना स्थल से भाग चुके थे। पुलिस हब्बी के शव को कब्जे में लेकर आरोपियों के पकड़ने की कोशिश में जुट गई। मृतक की पत्नी सूखी बेगम का बुरा हाल हो गया। उसके दस बच्चों पांच बेटे और पांच बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया।