संभल। मोहल्ला बेगम सराय निवासी हर्षित (14) के अपहरण की साजिश उसके बड़े भाई लवकुश उर्फ लकी ने पिता से रुपये ऐंठने के लिए रची थी। पुलिस ने छानबीन की तो हकीकत सामने आ गई। किशोर व उसके बड़े भाई को गिरफ्तार कर फिरौती की रकम भी बरामद कर ली है। आरोपी ने बताया कि उसे एक लाख रुपये की जरूरत थी, जबकि छोटे भाई पर ऑनलाइन गेम खेलने में करीब 50 हजार रुपये का कर्जा हो गया था। इसलिए अपहरण की झूठी कहानी बनाई।
एसपी ने बताया कि बेगम सराय निवासी हर्षित के अपहरण की कहानी उसके बड़े भाई लवकुश उर्फ लकी ने रची थी। ताकि दोनों पिता से रुपये ऐंठ सके। बताया कि आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि उसने अपने छोटे भाई को हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव एंजरा निवासी अभिषेक के घर छोड़ दिया था और उससे कहा था कि परिवार के सभी लोग वैष्णोदेवी जा रहे हैं। बताया कि एंजरा पहुंचने से पहले कपड़ा डालकर फोटो ले लिए थे। रात में फर्जी आईडी बनाई और उसके माध्यम से पिता को अपहरण की धमकी के मैसेज कर गुमराह किया। सबूत के तौर पर फर्जी फोटो भी दिखाए गए। इसके बाद बृहस्पतिवार को 1.50 लाख रुपये वसूल कर लिए और भाई को योजना के अनुसार कुछ दूरी पर खड़ा कर दिया। जो बाद में परिजनों को मिल गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ने बताया है कि उसको एक लाख रुपये की जरूरत थी, दुकान लेने के लिए और छोटे भाई पर ऑनलाइन गेम का 50 हजार रुपये का कर्जा था। इसलिए दोनों भाइयों ने मिलकर यह झूठी कहानी बनाई और तहकीकात में पकड़े गए। रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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पिता से की थी दो लाख रुपये की मांग
14 वर्षीय किशोर अपने घर में ही बनी दुकान में मोबाइल रिपेरिंग का काम करता है। वह बुधवार की शाम को मुरादाबाद मार्ग पर लगने वाले एक ठेले से मोमोज लेने के लिए घर से निकला था। देर रात तक नहीं लौटने पर परिजन तलाश करने में लगे थे। इसी दौरान किशोर की बहन की आईडी पर अपहरण किए जाने का मैसेज मिला। फोटो देखकर परिजन बेहाल हो गए, लेकिन पुलिस को बताने पर किशोर को जान से मारने की धमकी दी थी। लिहाजा परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी और दो लाख रुपये जुटाने में लग गए। सुबह तक डेढ लाख रुपये ही एकत्र हो सके। बृहस्पतिवार की सुबह में बताए गए स्थान गोमासत्ती श्मशान के पीछे डेढ़ लाख रुपये रख दिए। बाद में मैसेज करके बताया गया कि रुपये मिल गए हैं, और किशोर कहां है उसका भी पता बताया गया। किशोर के मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने अपहरण के इस फर्जी मामले का खुलासा किया है।
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घर से बरामद हुए 1.35 लाख रुपये
किशोर और उसके बड़े भाई से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि जो रुपये परिजनों से अपहरण के नाम पर लिए हैं वह घर में ही रखे हैं। पुलिस ने निशानदेही पर बरामद कर लिए हैं। पुलिस को मौके से 1.35 लाख रुपये मिले हैं। 15 हजार रुपये खर्च कर दिए गए हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई बाइक और मोबाइल भी बरामद किया है।
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कोट
अपहरण की घटना किशोर और उसके भाई ने रची थी। पुलिस की टीमों ने अलग-अलग बिंदुओं पर छानबीन की। जिसमें घटना संदिग्ध पाई गई। किशोर और उसके बड़े भाई से पूछताछ की तो उन्होंने घटना कबूल की और निशानदेही पर रुपये भी बरामद कराए। खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम मेरे द्वारा दिया जाएगा।
कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी, संभल।