शुक्रवार को एसपी ने संभल स्थित एएसपी कार्यालय में हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर अंतर्गत मोहल्ला बमनपुरी निवासी दिव्यांग संजय की 20 जून 2024 को मौत हो गई थी। संजय के भाई नवीन ने बताया था कि वह अपने भाई को दवाई दिलाने के लिए जा रहा था। तभी ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिसमें उपचार को ले जाते समय संजय की मौत हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हादसे में मौत होने की रिपोर्ट दर्ज की थी लेकिन साक्ष्य नहीं मिलने पर अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।
एसपी ने बताया कि फर्जी बीमा करने वाले गिरोह के खिलाफ जिले में अभियान चल रहा है। इसी क्रम में यह मामला सामने आया। जब इसकी जांच पड़ताल की तो संजय की हत्या किए जाने की आशंका लगी। गहराई से जांच करने के लिए संजय के भाई नवीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो पूरी कहानी प्याज के छिलकों की तरह खुलती चली गई।
पुलिस ने आरोपी के सहयोगी अधिवक्ता अखिलेश को भी गिरफ्तार कर लिया। एक अन्य आरोपी भागा हुआ है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूरी साजिश के तहत हत्या की घटना को अंजाम दिया था।
आरोपी नवीन ने बताया कि अलग-अलग बीमा कंपनियों से 95 लाख रुपये की धनराशि पाने के लिए हत्या की थी। हत्या से पहले टाटा एआईजी की 10 लाख रुपये की पॉलिसी कराई थी। इसके अलावा नीवा कंपनी में 10 लाख, आईसीआईसीआई लोम्बर्ड की 50 लाख, एसबीआई जनरल 20 लाख व एक पॉलिसी पांच लाख रुपये की कराई गई थी। सभी पॉलिसी में क्लेम करने पर 95 लाख रुपये मिलने थे। इसमें 20 लाख रुपये एक पॉलिसी के मिल गए हैं जो खर्च कर दिए।