बहजोई में मकानों पर चलती जेसीबी।
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बहजोई। नगर में चारागाह की जमीन पर अवैध तौर से बने करीब बीस साल पुराने मकानों पर प्रशासन की जेसीबी गरजी। उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए प्रशासन ने अवैध बने मकानों पर यह बड़ी कार्रवाई की है। इस बीच एसडीएम, सीओ चंदौसी समेत भारी संख्या में पुलिस बल की तैनात रही।
नगर के काली मंदिर रोड स्थित नई बस्ती पर दोपहर एक बजे करीब तहसीलदार मनोज कुमार सिंह मय भारी पुलिस फोर्स के पहुंचे और बस्ती में बने कई मकानों को खाली करवाने लगे। इस बीच मकान स्वामियों की तहसीलदार व पुलिस बल के साथ नोकझोंक भी हुई। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से जेसीबी लगवाकर मकानों को गिराने का काम शुरू करा दिया गया। एक-एक कर कई मकानों पर प्रशासन की जेसीबी गरजी और एक के बाद एक मकान धराशायी होने लगे। मौके पर बस्ती व आसपास के मोहल्लों के सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए।
कोतवाल सतेंद्र भड़ाना व सिटी इंचार्ज मय पुलिस फोर्स के मौके पर भीड़ को हटाने में जुट गए। कुछ देर बाद उप जिलाधिकारी चंदौसी महेश प्रसाद दीक्षित व पुलिस क्षेत्राधिकारी चंदौसी पूनम मिश्रा भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक मकान गिराने का सिलसिला चला। प्रशासन की ओर से मकान गिराने की प्रक्रिया के दौरान लोग अपने-अपने परिजनों व रिश्तेदारों के साथ घर का सामान बाहर निकालने में जुटे रहे।
देखते ही देखते घरों का सामान सड़क पर पहुंच गया। तहसीलदार ने बताया कि चारागाह की करीब 12 एकड़ जमीन पर पिछले दो दशकों से लोगों के अवैध तौर पर मकान बने हुए थे। कई बार मकान स्वामियों को बेदखली का नोटिस भी दिया गया, लेकिन मकान स्वामियों की ओर से लापरवाही बरती गई। अनुस्मारक पत्र भी दिए गए, लेकिन मकान स्वामियों की ओर से जमीन खाली नहीं की गई। एक दिन पहले चारागाह की जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए मुनादी भी कराई गई। अब बुधवार को उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चारागाह की जमीन पर बने इन 18 मकानों पर जेसीबी चलाकर गिराने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा तीन मकानों से मकान स्वामियों ने स्वत: ही अवैध कब्जा हटा लिया।