फर्जीवाड़े को रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विशेष साफ्टवेयर पहले ही दिन फेल हो गया लेकिन डीएवी इंटर कालेज परीक्षा केंद्र गुन्नौर में पांच हजार रुपये लेकर दूसरे परीक्षार्थी के स्थान पर हाईस्कूल की परीक्षा देते एक मुन्ना भाई को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के बोर्ड परीक्षा केंद्र डीएवी इंटर कालेज गुन्नौर में गुरुवार को सुबह साढ़े सात बजे निर्धारित समय पर परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिकाएं दे दी गई। परीक्षार्थियों ने लिखना भी शुरू कर दिया लेकिन स्थानीय सचल दल और कक्ष निरीक्षक ने एक छात्र के पास जाकर अचानक उसका नाम पूछ दिया तो उसके मुंह से निकला नीरज, फिर नीरेश कुमार। पिता का नाम पूछा तो सकपका गया, बोला प्रवेशपत्र देखकर बताता हूं, उसकी इस हरकत पर सभी चौंक पड़े। प्रवेशपत्र देखा तो उस पर छात्र का नाम मुहम्मद दाउद पुत्र मुहम्मद अयूब लिखा था, लेकिन फोटो नीरेश का ही लगा था। जिसे प्रेमपाल सिंह इंटर कालेज सैंजना मुस्लिम के प्रधानाचार्य आर.यादव द्वारा प्रमाणित भी किया गया था। केंद्र व्यवस्थापक योगेंद्र कुमार और सचल दल के अन्य सदस्य पहुंच गए।
अब तक नीरेश दो पेजों पर उत्तर लिख चुका था। अंडेंटेस शीट पर मुहम्मद दाउद का फोटो था लेकिन प्रवेशपत्र पर नीरेश का। यह देख तत्काल नीरेश को पकड़ लिया गया। जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि नीरेश कुमार पुत्र चंदन सिंह निवासी मैढ़ोली ने 2014 में इंटरमीडिएट करके पढ़ाई छोड़ दी थी। उसने अपने परिचित मुहम्मद दाउद से पांच हजार रुपये लेकर उसके स्थान पर परीक्षा देने का जिम्मा लिया था।
मुहम्मद दाउद ने प्रेमपाल सिंह इंटर कालेज सैंजना मुस्लिम के प्रधानाचार्य से साठगांठ करके अपने प्रवेश पत्र पर नीरेश का फोटो लगवाकर प्रमाणित कराया। केंद्र व्यवस्थापक योगेंद्र कुमार ने बताया कि छात्र को गुन्नौर कोतवाली पुलिस के हवाले करके उसके खिलाफ तहरीर दे दी गई। जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करके नीरेश को गिरफ्तार कर लिया।