संभल। एक ही आदमी को सब करना है तो फिर चुनाव क्यों हो रहे हैं। सांसद और विधायक क्यों चुने जा रहे हैं। सत्ता में बैठे लोगों की हैसियत नहीं कि वह अपनी मर्जी से विकास करा सकें। देश को मजबूत नहीं खोखला बनाया जा रहा है। ये बातें सोमवार को रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने गांव हजरतनगर गढ़ी स्थित रामलीला मैदान में किसान सम्मेलन में कही।
सोमवार को किसान सम्मेलन में जयंत चौधरी ने 45 मिनट के भाषण में पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला। कहा कि यूपी में वर्ष 2016 में गरीब तबके का ध्यान भटकाने के लिए नोटबंदी का फैसला लिया गया। इससे वह लाइन में लग गया और फिर चुनाव कार्यक्रम जारी कराकर जोरशोर से यह कहा कि अब अमीर की तिजोरी के नोट बाहर आएंगे। झांसे में आए गरीब, मजदूर, किसान और बेरोजगार नौजवान के वोट का पता तब चला जब परिणाम आए, लेकिन इसके बाद अमीरों का लोन का एक झटके में माफ कर दिए। जबकि गरीब, किसान, मजदूर समेत औसतन देश के हर परिवार पर करीब 74 हजार रुपये कर्जा है। गरीबों को सीधे चोट पहुंचाई जा रही है पर एहसास भी नहीं होने दिया जा रहा, यही वजह है कि एक कार्यकाल के बाद दोबारा सरकार बनाने का क्रम जारी रहा, लेकिन अब जागरूक हो जाएं। अपने और अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए होशियार बनें और सतर्क रहें। क्योंकि इनका यदि यही क्रम चलता रहा तो इन्हें आपके विकास और उत्थान की याद कभी नहीं आएगी। इस दौरान पूर्व मंत्री अकीलुउर्रहमान खां, तरन्नुम अकील, पूर्व जिलाध्यक्ष अजयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष कैसर अब्बास, युवा जिलाध्यक्ष विमल चौधरी आदि रहे।
सरकार जनगणना कराना नहीं चाहती
जयंत चौधरी ने जनगणना पर सवाल उठाया कि वर्ष 2022 में जनगणना हो जानी चाहिए थी। सरकार नहीं चाहती। कहा कि देश में जनगणना वर्ष-2011 में हुई थी। अब 2022 मेें सर्वेक्षण हो जाना चाहिए था। जिससे पता चलता कि देश में जो लोग हैं, उनकी क्या स्थिति है। किसान की क्या हालत है। बेरोजगारी कितनी है। सर्वेक्षण को 2025 में कराने की बात कर रहे हैं, पर नहीं कराएंगे। क्योंकि यदि सर्वेक्षण कराया तो इन्हें काम करना पड़ेगा, जो यह नहीं चाहते। बोले-इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो संस्था बनाएंगे। जो पूरे देश में समय-समय पर सर्वेक्षण करेगी।
गठबंधन सरकार बनी तो नियमित भर्तियां सुनिश्चित करने के लिए बनाएंगे कानून : जयंत चौधरी
इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर देश में नियमित भर्तियां होंगी। यह सुनिश्चित करने के लिए भले ही कानून क्यों न बनाना पड़े। जयंत चौधरी ने अपने भाषण की शुरुआत किसान और नौजवान से ही की थी। किसानों से बोले कि यूपी में चीनी मिलें चालू हो गईं, पर दाम घोषित नहीं किया गया। देश के लिए मर मिटने वाले फौजियों को यह सरकार पेंशन देने से बचने के लिए अग्निवीर लेकर आई है। लेकिन इंडिया गठबंधन की सरकार आने पर अग्निवीर को खत्म कर दिया जाएगा।