मजबूरी में किसान भटक रहे हैं।
जिले के गन्ना किसानों को रजपुरा और असमोली चीनी मिल ने इस पेराई सत्र में 161 करोड़ रुपये के भुगतान किए हैं। इसमें सौ करोड़ रुपये के भुगतान सिर्फ असमोली चीनी मिल ने किए हैं जबकि 61 करोड़ के भुगतान की एडवाइज रजपुरा चीनी मिल ने दी है। एडवाइज के हिसाब से गन्ना किसानों के खाते में धनराशि क्रेडिट हो गई है। जबकि निकासी ज्यादा से ज्यादा 30 करोड़ की हो पाई है। धनराशि निकालने के लिए किसान जब बैंक जाते हैं उन्हें कैश न होने की बात कहकर लौटाया जाता है। अभी तक जिले के किसी भी बैंक में किसानों को भरपूर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। भाकियू के जिला महामंत्री वीरेंद्र सिंह का कहना है किसानों को कैश न मिलने से तमाम काम प्रभावित हैं। किसानों को जितनी जरूरत है उतना कैश दिया जाना चाहिए।
गुलालपुर गांव की रामेश्वरी सोमवार को सिंहपुरसानी स्थित प्रथमा बैंक में गईं। प्रथमा बैंक में दो घंटे इंतजार करने के बाद भी उन्हें दो हजार रुपये नहीं मिले और लौटना पड़ा। रामेश्वरी ने बताया कि अधिकतर किसानों के बैंक खाते प्रथमा बैंक में हैं और प्रथमा बैंकों में अभी भी यह स्थिति है कि रोजाना कैश नहीं मिलता। किसान अपने ही रुपये निकालने के लिए परेशान हो रहे हैं।
गुलालपुर जाटों वाला के निवासी यशपाल को बच्चों की फीस जमा करने के लिए कैश चाहिए था। जब सिंहपुरसानी ब्रांच में कैश नहीं मिला तो उन्होंने बच्चों के लिए फीस स्कूल के खाते में आरटीजीएस करा दी। बाकी जरूरतों के लिए कैश फ्लो होने का इंतजार करना पड़ रहा है।
बोले एलडीएम - जल्द दूर होगी समस्या
संभल। जिले के अग्रणी जिला प्रबंधक सतीश कुमार गुप्ता का कहना है कि बैंकों में अभी भरपूर कैश नहीं आ रहा है। यही वजह है कि किसानों को उनकी लिमिट के मुताबिक भुगतान नहीं दिया जा पा रहा है लेकिन धीरे धीरे करके हालात सुधर रहे हैं। आने वाले दिन अच्छे होंगे। कुछ दिनों की दिक्कतें हैं। कैश आते ही किसानों को पहले भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
भाकियू असली ने दिया आंदोलन का अल्टीमेटम
संभल। भारतीय किसान यूनियन असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि 8 जनवरी तक हालात सामान्य नहीं हुए तो 9 जनवरी को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन होगा। किसानों के लिए भरपूर भुगतान देने की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह कितनी बड़ी विडंबना है कि किसान अपने बैंक खाते से अपना ही रुपया नहीं निकाल पा रहे हैं। इस मुद्दे के भाकियू प्रमुखता से उठाएगी। यदि डीएम के स्तर से समाधान नहीं निकला तो मंडल स्तर पर आंदोलन होगा। जगह जगह रास्ता रोका जाएगा।