चंदौसी में सोमवार की रात भूकंप के बाद दुकान के बाहर चर्चा करते लोग
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संभल, चंदौसी और बहजोई में कई परिवारों ने इन झटकों को महसूस किया है। कई लोग अपने घरों के बाहर आए। जबकि नरेश कुमार के मकान के छज्जे में दरार पड़ गई।
बहजोई के नारायनटोला में शिक्षक प्रदीप वार्ष्णेय अपने परिवार के साथ कमरे में थे और भोजन करने की तैयारी कर रहे थे। अचानक टेबिल पर रखी प्लेट हिलने लगी। ऊपर देखा तो पंखा हिल रहा था. तब तक वह नहीं समझ पाए थे कि भूकंप आया है लेकिन जब कुछ देर बाद टीवी पर खबर देखी तो उन्हें यह पता लगा कि कुछ क्षणों पहले प्लेट क्यों हिल रही थी और पंखा क्यों डोलने गया था। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के कई लोगों ने भूकंप के झटकों का अहसास किया है। वहीं संभल के हल्लूसराय निवासी निकुंजबाला, मीनू देवी समेत तमाम लोगों झटके महसूस किए हैं।
मीनू देवी तो अपने परिवार को लेकर कुछ देर के लिए घर से बाहर आ गईं। जबकि हल्लू सराय मंदिर बाबू सिंह मौजूद थे। बाबू सिंह मंदिर में बैठे थे। अचानक मंदिर के घंटे हिलने लगे तो उन्होंने समझा कि कुछ हो रहा है। इसके काफी देर बात उन्हें पता चला कि भूकंप आया था। दुर्गाकालोनी के सोनू सैनी ने भी झटके महसूस किए हैं। हल्लू सराय निवासी नरेश कुमार ने बताया कि अचानक झटका लगा। मैं घर के बाहर आया तब तक कुछ लोग और आ गए। मैंने तभी लोगों की नजर मेरे मकान के छज्जे पर पड़ी।