हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों से नहीं मिल पा रही हैं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, दवाओं का टोटा, कहीं ताला लटक रहा
जिले में 163 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। इन सेंटर पर 58 प्रकार की दवाओं के उपलब्ध होने का मानक है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं की जांच व बीपी, शुगर, एचआईवी और अन्य कई तरह की जांच भी की जा सकती हैं। इन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को स्थापित करे का मकसद तो यही है। अब समस्या यह आ रही है कि कहीं सेंटर छह महीने से नहीं खुला है तो कहीं दवाओं का टोटा होने की बात सामने आ रही है। नूरियो सराय स्थित एक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक इसका लाभ नहीं मिला है। यही हाल शेरखां सराय का सामने आया। ग्रामीणों ने बताया कि सेंटर खुलता ही नहीं है। छह महीने से ताला लगा है।
दरअसल, गंभीर बीमारी का लक्षण, पहचान कर बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की भूमिका अहम होती है। वहां तैनात सीएचओ के माध्यम से परामर्श कर स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को आवश्यक जांच व सलाह के साथ-साथ उपलब्ध दवाइयां मुहैया कराई जाती हैं। पड़ताल की तो गांव मंडी किशनदास सराय स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह महीनों से बंद पड़ा है। वहीं नूरियो सराय में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी सुविधाओं के टोटा होने की जानकारी सामने आई। सीएचओ राखी ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही सेंटर को हैंडओवर किया गया है। शेर खां सराय में सेंटर बंद है।
क्या बोले ग्रामीण
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। दवाओं की कमी रहती है। लोग मजबूरन शहर से ही दवाएं लेने जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है।
प्रेमशंकर, नूरियो सराय
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को बने हुए छह महीने हो गए हैं। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई लाभ नहीं दिया है। महिलाओं को भी शहर के अस्पतालों में जाना पड़ता है।
रूकमेश, नूरियो सराय
गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बने हुए कई वर्ष हो चुके हैं। एक साल पहले दवा ली थी, उसके बाद यहां कोई स्वास्थ्य कर्मी नहीं बैठा। जबकि इस समय सबसे ज्यादा लोग बीमार हो रहे हैं।
सोनू, शेरखां सराय
इस मौसम में सबसे ज्यादा लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में सेंटर बंद पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती कराई जाए। जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके।
इसराईल, शेरखां सराय
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कोट
दवाओं की कोई कमी नहीं है। कहीं दवाएं नहीं हैं तो वह पोर्टल के माध्यम से दवाओं की मांग कर सकते हैं। वेयरहाउस में इस समय 50-52 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। शेरखां सराय की सीएचओ अवकाश पर चल रही हैं। इसलिए वहां समस्या है।
डा. विश्वास अग्रवाल, एचडब्ल्यूसी नोडल अधिकारी, संभल।