बहजोई। अपने ही चिंहित किए गए गैर मान्यता संचालित 108 स्कूलाें को जिले भर के बीईओ साल भर बीतने के बाद भी बंद नहीं करा सके हैं। यह हाल तब है जबकि डीएम की पहल पर जिले भर के खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों में गैर मान्यता संचालित इन स्कूलों को चिंहित कर बीएसए दफ्तर में अपनी रिपोर्ट भेजी थी। विभागीय मुख्यालय के निर्देश के बाद जिले भर में संचालित 131 गैर मान्यता स्कूलों को चिंहित करते हुए माह अप्रैल 2022 में आठ विकासखंड व दो नगर क्षेत्रों के बीईओ की ओर से बीएसए दफ्तर को सूची बनाकर दी गई थी। इसमें विकासखंड असमोली के 4, बहजोई के 5, बनियाखेड़ा के 5, गुन्नौर के 30, जुनावई के 42, पंवासा के 10, रजपुरा के 11, संभल ग्रामीण में 18 व संभल नगर क्षेत्र में 6 विद्यालय शामिल हैं।
इसके बाद 11 अप्रैल 2022 को तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से गैर मान्यता संचालित स्कूलों को बंद कराने के लिए तहसीलवार एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। इसमें सीओ को सदस्य व संबंधित ब्लॉक के बीईओ सदस्य सचिव बनाया गया था। बाद में माह दिसंबर 2022 तक सभी बीईओ की ओर से जिले के सभी विकासखंडों व नगर क्षेत्रों से कुल 23 गैर मान्यता संचालित विद्यालयों को बंद कर बीएसए दफ्तर को रिपोर्ट सौंपी गई थी।
इनमें विकासखंड असमोली के 4, बहजोई के 4, बनियाखेड़ा के 3, गुन्नौर के 2, जुनावई का 1 व पंवासा के 9 विद्यालय शामिल हैं। अब खास बात यह है कि शेष 108 स्कूलों को बंद करने को लेकर संबंधित बीईओ की ओर से कोई भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। यह हाल तब है जबकि इन स्कूलों को बंद कराने के लिए 15 अक्तूबर 2022 को डीएम की ओर से रिमांइडर लेटर जारी किया गया था। वहीं बीएसए की ओर से भी संबंधित सभी बीईओ रेड कार्ड पर 11 बार रिमाइंडर देते हुए चेतावनी जारी की गई थी।