संभल/असमोली। असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव में छेड़खानी के आरोपी को पांच चप्पल की सजा पंचायत ने सुनाई है। भरी पंचायत में आरोपी को पीड़ित किशोरी की मां ने चप्पल मार कर गुनाह माफ कर दिया। पंचायत में चप्पल का फरमान जारी होने की बात लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। छेड़खानी पांच दिनों पहले हुई थी। जिसको पुलिस ने तत्काल दर्ज करने के बजाए पंचायत के हवाले कर दिया। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रविवार की शाम को असमोली थाना क्षेत्र के एक गांव में छेड़खानी के आरोपी को पांच चप्पल मारने की सजा पंचायत ने सुनाई। पीड़ित किशोरी की मां ने भरी पंचायत में आरोपी को चप्पल से पीटा। दरअसल 15 अगस्त की रात को 14 वर्षीय किशोरी के साथ पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति ने छेड़खानी की थी। जब किशोरी नींद से जागी तो शोर मचा दिया। जिस समय यह घटना हुई उस वक्त किशोरी की मां रक्षा बंधन पर्व मनाने के लिए अपने मायके गई हुई थी। साथ में किशोरी के पिता भी गए थे।
घर पर किशोरी का भाई और दादा, दादी थे। किशोरी अपने भाई के साथ रात को छत पर सो रही थी। इसी दौरान छेड़खानी की घटना हुई। 16 अगस्त को जब किशोरी के माता-पिता घर लौटे तो घटना की जानकारी दी। जिसे सुनकर उनके होश उड़ गए। कार्रवाई के लिए तहरीर असमोली की पुलिस चौकी भवालपुर में दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाए मामला पंचायत के सुपुर्द कर दिया। घटना के चार दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। पंचायत ने पांच चप्पल की सजा सुनाई और मामला निबटा दिया।