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Sambhal News: शब्दों में टंकार बिठा, लहजे में खुद्दारी रख- डॉ. शिव ओम अंबर

Mon, 30 Sep 2024 02:49 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल। बहजोई के बड़ा मैदान में आयोजित संभल कल्कि महोत्सव में रविवार की रात कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। कवि सम्मेलन का शुभारंभ सीडीओ गोरखनाथ भट्ट, एडीएम प्रदीप वर्मा, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवीर सिंह खडगवंशी और गुन्नौर के पूर्व विधायक अजीत कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
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कवि सम्मेलन में जहां कवियों ने अपने गीतों और छंदों से समां बांध दिया, वहीं कई शायरी के कलाम भी पेश कर वाहवाही लूटी। कवि डॉ. शिव ओम अंबर ने पढ़ा शब्दों में टंकार बिठा, लहजे में खुद्दारी रख। जीने की ख्वाइश है तो मरने की तैयारी रख। नैनीताल से आई श्रृंगार रस की अनूठी कवियत्री गौरी मिश्रा ने पढ़ा भक्तिभाव से अपना तन मन, करता जो पारायण है। एक दिवस वो स्वम आत्मिक,पा जाता नारायण है। कानपुर से आए कवि हेमंत पांडेय ने पढ़ा एक-एक प्रेमिका को बांटकर ले गये, जो नही माना उसे डांटकर ले गये। जिस पेड़ में बांधा था मोहब्बत का धागा, नगर निगम वाले उसे भी काटकर ले गये। जिले के कवि डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने पढ़ा दुष्यंत ,कुंबर के गीत गजल, हम अमीर की अदबी बोली हैं। इल्यास नवेद की नज्में हैं और सुरेंद्र की हंसी ठिठोली हैं। रमेश विश्वहार ने पढ़ा भावनाओं में हैं कामनाओं में हैं, तेरा चेहरा मेरी कल्पनाओं में हैं। चराग शर्मा ने पढ़ा मैं चाहता हूँ मेरा दिल दिया दिखाई दे, जो जल रहा है वो जलता हुआ दिखाई दे। अमन अक्षर ने पढ़ा आयु ही स्वयं जब देह का सिंगार करे, देह का सिंगार हर ओर से बचाइये। कवियत्री दुर्गा टंडन ने नारी शक्ति का उल्लेख करते हुए पढ़ा मैं साधारण सी दिखती हूं, नारी की महिमा गाती हूं। अन्य कई कवियों ने भी अपनी अपनी कविता से दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी व आम लोग मौजूद रहे। कवि सम्मेलन का संचालन डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने किया।
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