बहजोई। बरफी में फैट कम, तो बेसन में मटर मिली। वहीं सोहन पापड़ी व बरफी समेत 10 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल मिले। माह अगस्त में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से लिए गए इन नमूनों की लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में जांच के बाद यह खुलासा हुआ है।माह अगस्त में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से जिले में दुकानों व डेयरियों आदि पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेजे गए थे। अब माह अक्तूबर में प्रयोगशाला से मिली जांच रिपोर्ट में 10 खाद्य पदार्थों के नमूने फेल मिले। जिला अभिहीत अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन संजय शर्मा ने बताया कि
संभल स्थित मुन्ना ट्रेडर्स से नमकीन का नमूना लेकर लखनऊ की प्रयोगशाला भेजा गया था। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में नमकीन का नमूना फेल मिला। इसमें प्रतिबंधित रंग मिलाना सामने आया। इसके अलावा टिंकू दुग्ध डेयरी अतरासी से लिए गए दूध के नमूने में फैट कम मिली। बबराला में राजघाट रोड स्थित शिव पेठा भंडार से लिए गए पेठे के नमूने में भी नियमों का उल्लंघन सामने आया। इसमें पेठे के निर्माण व रख-रखाव में अनियमितता मिली। वहीं चंदौसी के भैंतरी फाटक से लिए गए बरफी, जुनावई के कादराबार से लिए गए दूध तथा गवां के हरि मिष्ठान भंडार से लिए गए मावा के नमूने में फैट कम मिली। उन्होंने बताया कि असमोली के कमालपुर-काफूरपुर के शाही किराना स्टोर से लिए गए बेसन के नमूने में मटर मिली। साथ ही जुनावई में अलीगढ़ के वाहन से लिए गए दूध के नमूने में फैट कम मिली। डीओ ने बताया कि इसके अलावा असमोली की आसिफ सोहन पापड़ी निर्माण शाला से सोहन पापड़ी तथा संभल के मोहम्मदपुर टांडा के यामीन मिष्ठान भंडार से लिए गए सोहन पापड़ी के नमूने में रंग की मात्रा अधिक मिली।
पूरे मामले में संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब संतुष्टिपूर्ण न मिलने पर दुकानदारों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। वहीं सोहन पापड़ी में अधिक मिली रंग की मात्रा सीधे स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। इसको लेकर दोनों दुकानदारों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।