जुनावई। गांव गढ़ी बिचौला में फैले बुखार के बाद बरेली मंडलीय एंटोंमोलॉजिकल टीम ने पांच किलोमीटर सर्किल में छह गांवों में एंटी लार्वा के सोर्स ढूंढ़े। तीन गांवों में टीम को 11 स्थानों पर खाली पड़े टायर में डेंगू का लार्वा मिला है। लार्वा मिलने स्वास्थ्य विभाग गृह स्वामियों को नोटिस देकर कार्रवाई की तैयारी में है। इसके अलावा टीम ने सैंपल के तौर पर जांच के लिए कुछ मच्छरों को भी साथ ले गई। अब गांव में बुखार नियंत्रण में है और शुक्रवार को शिविर में मात्र 100 ही मरीज पहुंचे।
जुनावई क्षेत्र के गांव गढ़ी बिचौला में फैले बुखार का असर लखनऊ तक पहुंच गया था। गांव गढ़ी बिचौला को डेंगू, मलेरिया हाईरिस्क मानते हुए डीजी हेल्थ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बरेली मंडलीय एंटोंमोलॉजिकल टीम को भेजा था। टीम में डॉ. अभिषेक कुमार एवं कीट संग्रहकर्ता रामसेवक शर्मा गांव पहुंच गए थे। हाईरिस्क एरिया मानते हुए टीम ने गांव की तीन किलोमीटर परिधि के छह गांव चिह्नित किए थे। इनमें एक गांव सूरजपुर बदायूं का सीमावर्ती गांव भी शामिल हैं। टीम ने बृहस्पतिवार को गांव गढ़ी बिचौला और हिम्मतपुरमें डेंगू, मलेरिया व अन्य मच्छरों के सोर्स तलाशे थे। शुक्रवार को टीम ने गांव सैमला भूड़, करेला की मढैय्या, सुल्तान गढ़ और सीमावर्ती बदायूं जनपद के गांव सूरजपुर में मच्छरों के लार्वा की जांच की। टीम को गांव सुल्तानगढ़ में छह, करेली की मढैय्या में चार, हिम्मतपुर में एक स्थान पर गाड़ी के टायरों में डेंगू का लार्वा मिला है। लार्वा तलाशने के लिए ठहरे हुए पानी में लार्वा मिलने पर तुरंत ही उसे नष्ट कराया। टीम ने गांव सुल्तानगढ़ एवं करेला की मढैय्या से कुछ मच्छरों को सैंपल के तौर पर पकड़ा और अपने साथ ले गई। टीम बरेली प्रयोगशाला में मच्छरों के प्रभाव व संक्रमण पर जांच करेगी। जिन घरों में डेंगू का लार्वा मिला है, वहां उन घरों के मालिकों को स्वास्थ्य विभाग नोटिस जारी कर कार्रवाई करेगा।
क्षेत्र के गांव गढ़ी बिचौला में बारिश होने के बाद डेंगू व मलेरिया पनप गया था। गांव में डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, बुखार से करीब 2500 लोग बीमार थे। बीमारी फैलने से ग्रामीण परेशान थे। ग्राम प्रधान अबरार खां का कहना है कि अमर उजाला के द्वारा गांव की समस्या को प्रमुख से उठाया गया। जिस कारण वहां डीएम, एसडीएम,, सीएमओ, बरेली मंडल की टीम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और बुखार पर नियंत्रण हो सका। वरना गांव की स्थिति ओर भी भयावह हो सकती थी।
सातवें दिन जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी व डॉ. दिवाकर गुप्ता की निगरानी में शिविर लगाया। शुक्रवार को शिविर मेें 100 मरीज का परीक्षण कर दवा वितरण की गई। लैब अटेंडेंट कृष्णपाल सिंह ने डेंगू के 17, मलेरिया के 20, टायफाइड की जांच के लिए 16 लोगों के सैंपल लिए। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
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