घटना के वक्त मासूम चाय, नाश्ता लेकर पिता को जंगल में देने जा रही थी। चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। मासूम को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। गंभीर हालत में मासूम को जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां से मुरादाबाद रेफर कर दिया।
मिठौली गांव निवासी मुस्तफा गुरुवार को जल्दी ही काम करने के लिए जंगल पहुंच गए थे। मुस्तफा की पांच वर्षीय बेटी फिजा आठ बजे के करीब घर से पिता को खेत पर चाय, नाश्ता देने के लिए निकली। गांव से निकलते ही रास्ते में तीन खूंखार कुत्तों ने उसे घेर लिया। मासूम तब तक कुछ समझ पाती उससे पहले ही कुत्तों ने मासूम पर हमला बोल दिया। कुत्तों ने इधर-उधर खींचकर मासूम को नोंच डाला। मासूम की गर्दन को कुत्तों ने बुरी तरह दांतों से चबाने की कोशिश की। हमले से मासूम खून से लथपथ हो गई।
रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। मासूम को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। आनन-फानन में मासूम को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। डाक्टरों ने यहां मासूम का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देख मुरादाबाद रेफर कर दिया।