तेज हवाओं के साथ बुधवार की शाम हुई बारिश से किसानों की धान की फसलें खेत में बिछ गईं। बारिश से बाजरा की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। उधर, प्रशासन बारिश से हुए नुकसान का आकलन कराने की बात कही है।
बुधवार को दोपहर बाद मौसम ने एकाएक करवट बदली और शाम चार बजे बरसात शुरू हो गई। घंटे भर तक हुई बरसात से खेतों में पानी भर गया। बरसात के साथ चलीं तेज हवाओं से धान व बाजरा की फसलें खेत में बिछ गईं। गुरुवार की सुबह को एक बार फिर से बरसात गई। दोपहर बारह बजे तक हुई कई किसानों के खेतों में पानी भर गया। फसलें पहले ही गिर गईं थीं।
इससे फसलों के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों से जो बातचीत हुई है उसके मुताबिक बरसात से धान व बाजरा की फसल को करीब तीस प्रतिशत नुकसान हुआ है। वहीं उड़द की फसल पर आ रहा फूल भी बरसात से झड़ गया।
उड़द की पैदावार में कमी आएगी। संभल के कार्यवाहक उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी मुनीश्वर त्यागी ने बताया कि जिले में सरबती प्रजाति का रकबा करीब 30-35 प्रतिशत है। इसका पौधा लंबा होता है। बारिश में इसकी फसल जमीन पर बिछ गई है। इससे नुकसान हुआ है। वही एडीएम ने कहा कि वह क्षति के बारे में आकलन कराएंगे।
बरसात से सरबती धान, बाजरा की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। ऊपर से पानी भर गया है। इससे दाना फूलना शुरू हो गया है। फसलों को करीब 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। अगर और बरसात हुई तो बिछी हुई फसल पूरी नष्ट हो जाएगी। फसलों को पकते हुए किसानों ने ढेर सारी उम्मीदें लगाईं थीं जो फसल बर्बाद होने की वजह से टूट रहीं हैं।
-राजपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष, भाकियू असली।
बरसात से धान, बाजरा के साथ उड़द की फसल को भी नुकसान हुआ है। उड़द की फसल का फूल झड़ गया है। जिससे पैदावार कम होगी। -विशन सिंह किसान कैली पतरासी।
वैसे तो अभी तक फसलों की क्षति के बारे में कोई खबर नहीं है। लेकिन यदि किसान कह रहे हैं तो राजस्व अधिकारियों के माध्यम से आकलन कराया जाएगा।- राजेंद्र यादव, अपर जिलाधिकारी।