ट्रैफिक अव्यवस्था के कारण बबराला-राजघाट मार्ग करीब छह घंटे जाम रहा। दिनभर श्रद्धालुओं को जाम से जूझना पड़ा।
रविवार को शरद पूर्णिमा के मौके पर गंगा के राजघाट तट पर तड़के चार बजे से ही पतित पावनी गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। दोपहर होते होते भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंच गई। अधिक मात्रा में वाहनों के आवागमन से राजघाट रोड पर कई बार लंबा जाम लगा।
जिससे श्रद्घालुओं को दिक्कत हुई और बड़े वाहन कई घंटों तक तट से निकल नहीं पाए। हालांकि तीन बजे के बाद जाम से राहत मिली और बड़े वाहन गंतव्य स्थान के लिए निकले। जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस वाहनों को एक स्थान पर पार्क कराया साथ ही जाम खुलवाने के लिए समय-समय पर मशक्कत की।
बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। जिसके बाद धूप, दीप आरती के बाद प्रसाद का वितरण कर मन्नतें मांगी। जगह-जगह हवन पूजा की गई। दिनभर गंगा तट मां गंगा के जयकारों से गुंजायमान रहा। बस, टैंपों, ट्रैक्टर ट्राली, टाटा मैजिक आदि वाहनों समेत राजघाट पहुंचने के लिए ट्रेन में भारी भीड़भाड़ रही। गंगा तट पर ट्रैफिक कंट्रोल की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। जिससे बबराला-राजघाट मार्ग पर वाहनों पर सुबह नौ बजे के बाद से अपराह्न करीब तीन बजे तक जाम की स्थिति बनी रही।
वाहन दिनभर रेंगते दिखाई दिए। जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंचने में अनावश्यक विलंब भी हुआ। इसके साथ ही दैनिक यात्रा की बसें व अन्य बड़े वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहे। जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।