संभल/असमोली। यौम- ए- आशूरा यानी मुहर्रम की दसवीं तारीख पर तहसील क्षेत्र के विभिन्न इमामबाड़ों में रखे गए दर्जनों ताजिये कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए। ताजिए जुलूस के साथ अजादारों ने मरसिया, नौहाख्वानी पेश की। इस दौरान या हुसैन, या अली या अब्बास की सदाएं गूंजती रहीं। जगह-जगह लंगर तकसीम कराया जा रहा था।
सिरसी में दोपहर बाद शुरू हुए मुहर्रम के जुलूूस में शहीद-ए-हजरत इमाम हुसैन और उनके जांनिसारों की शहादत की याद में यौम- ए- आशूरा का जुलूस निकाला गया। अजाखानों में ताजिये पर अलविदा मजलिस पढ़ी गई। अलम ताबूत और शबीहे जुलजनाह के जुलूस बरामद हुए। अजाखाना कला से जरीह मुक़द्दस का जुलूस निकाला। इसके बाद मोहल्ला मुुंशिया से कदीमी जुलूूस निकाला। मरसिया पढ़ी गई आज शब्बीर पर क्या आलम-ए-तन्हाई है। अंजुमने शमीम इमाम की जानिब से मरहूम नसीर हसन के अजाखाने से अली असगर का जुलूस बरामद हुआ। जो अजाखाना दालान पहुंचा। दादे शाह अली की मजार से अंजुमने हुसैनी रौनके अजा और गुंचाये इस्लाम का मुस्तरक़ा जुलूस बरामद हुआ। जुलूस जाखाना कला पहुंचा। अजादारों ने जंजीरी मातम किया। अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। एक जुलूस कर्बला गर्बी और शर्की पहुंचा जहां ताजिये सुपुर्द किए गए। फांकाकश अजादारों ने फांका शिकनी कर कर्बला मजलिस को ख़िताब किया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में कुर्बानी देकर इस्लाम और इंसानियत को बचा लिया। जुलूस के बाद सभी इमाम बारगाहों में मजलिस शाम-ए-गरीबां हुई।
नूरियो सराय में हुसैन खां सराय, मियां सराय और मोहल्ला कोट के मातमी जुलूूूस पहुंचे। फरोगे अजां की ओर से रोजे आशूरा का मातमी जुलूस बरामद किया गया। इसमें इमाम हजरत हुसैन की यादगार सवारी जुलजुनाह ताबूत, झूला और अलम निकाले गए। अजादारों ने हुसैनी चौक पर जंजीर का मातम किया। यह मातमी सिलसिला इमामबाड़ा फरमान हुुसैन तक जारी रहा। मातमी जुलूस इमामबाड़ा जायर हुसैन, अजहर हुसैन होते हुए देर शाम कर्बला पहुंचा। अजादारों ने कर्बला से लौटते हुए गम-ए-हुसैन में नौहा ख्वानी करते हुए अलविदा-अलविदा-ए-हुसैन पढ़ा। उरूज मेहंदी, शाने अब्बास, अली सादिक, मोहसिन रजा, गुफरान मोहसिन, नय्यर अब्बास, रहबर हुसैन, शमाईन, सुहेल अब्बास, नईम हसन, हसन जहीर, हुसैन जहीर, तरब, साजिद, कैफी संभली, पैकर संभली, काजिम हुसैन, अली जहीर, हैदर मेंहदी आदि शामिल रहे। गांव इकरोटिया, बुकनाला, सिरपुडा में मातमी जुलूस बरामद हुए। अजादारों ने नौहेख्वानी की।
मढ़न प्रतिनिधि के अनुसार असमोली के गांव मढ़न में अजादारों ने जुलूस निकाला। इस दौरान या हुसैन- या हुसैन की सदाएं बुलंद होती रहीं। मजलिस में अजादार याद-ए-हुसैन में गमगीन नजर आए। कारी मोहम्मद उमर ने इमाम हुसैन की शहादत पर नौहाख्वानी की। जिसे सुनकर अजादारों की आंखों से अश्क बहने लगे। इस दौरान खलील अहमद, अबू बकर, मोहम्मद उस्मान, हाजी शहजाद, बाबू खां, डा. राजी हसन, मोहम्मद नकी, अकरम, मिद्दा खां, जाकिर अहमद, डा.शबी हैदर, मोहम्मद मिसम, नौशाद अली, फिदा हुसैन मौजूद रहे।