चंदौसी। अगस्त माह में बच्चा चोरी के मामले में हुई माब लिचिंग की घटना में कोतवाली पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन करीब 16 लोग फरार चल रहे थे। न्यायालय में हाजिर नहीं होने के कारण उनके कुर्की वारंट जारी किए गए। बुधवार को कुर्की वारंट उनके घरों पर जाकर चस्पा किए।
27 अगस्त को छावड़ा गांव राजू पुत्र वीर सिंह के भतीजे के पेट में दर्द हुआ था। हालत गंभीर होती देख वह अपने भाई रामौतार के साथ भतीजे को बाइक पर बैठाकर चंदौसी लेकर दौड़ पड़े। दोनों भाइयों को रोता हुआ बच्चा ले जाते देखकर कर ग्राम असालतपुर जारई के लोगों ने समझा कि शायद यह दोनों बच्चा चोरी कर भाग रहे हैं।
भीड़ ने दोनों को इतना पीटा था कि राजू की मौत हो गई थी। जिसमें गांव जारई के राजेश, छोटे, राजेंद्र, बंटू, अजय को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चार माह के बाद भी अभी तक 16 आरोपी न्यायालय में हाजिर नहीं हुए। कोतवाली पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए न्यायालय में कुर्की वारंट को आवेदन किया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कुर्की वारंट जारी किए। जिसमें पुलिस ने ग्राम जारई में हर्षित पुत्र मुकेश, प्रमोद पुत्र पप्पू, धर्मेद्र पुत्र मुरारी लाल, विक्रम पुत्र तेजपाल, मुकेश पुत्र बाबू, नरेश पुत्र विष्णु, अरविंद पुत्र सूरज, रोहित पुत्र मुनेश नीरज पुत्र पप्पू, सुभाष पुत्र तेजपाल, राजेंद्र पुत्र भगवंती, दीपक पुत्र मनवीर, हीरालाल पुत्र रुपसिंह, सोनू पुत्र मनवीर, करन पुत्र बोन सिंह तथा अर्जुन पुत्र सुक्खू के घर पर कुर्की वारंट चस्पा किए है।