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Sambhal News: असिस्टेंट प्रोफेसर ने प्राचार्य पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप, तहरीर दी

Fri, 09 May 2025 11:44 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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चंदौसी(संभल)।
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एसएम कॉलेज के बाद अब एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज में प्राचार्या और एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर के बीच विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। एनकेबीएमजी कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता उपाध्याय ने प्राचार्या पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने तहरीर के माध्यम से पुलिस को बताया कि उन्होंने 19 अप्रैल की सुबह 10.10 बजे प्राचार्या के व्हाट्सएप पर अपने प्रमोशन से संबंधित सूची को लेकर बातचीत करने के लिए संदेश भेजा था। इसके बाद वह प्राचार्या की अनुमति लेकर उनके कक्ष में पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने प्राचार्या से अपने प्रमोशन की बात शुरू की। इसी बात पर प्राचार्या भड़क गईं और कक्ष से बाहर निकलने को कहा। इसके बाद वह प्राचार्या से कक्ष से चली गईं। कुछ देर बाद असिस्टेंट प्रोफेसर अपने कार्यालय के बाहर किसी काम से आई तो वहां प्राचार्या मिल गई। आरोप है कि प्राचार्या ने उन्हें रोक लिया और अभद्रता करते हुए उनका वेतन रोकने की बात कही।
असिस्टेंट प्रोफेसर का आरोप है कि 26 अप्रैल की दोपहर 12.10 बजे प्राचार्या ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया। वहां पर असिस्टेंट प्रोफेसर ने फिर से प्रमोशन की बात की तो प्राचार्या ने उनका प्रमोशन न होने देने व उनका कॅरियर बर्बाद करने की धमकी दी और अभद्रता करनी शुरू दी। विरोध करने पर प्राचार्या ने उनके बाल पकड़ कर नीचे गिरा दिया और घसीट दिया। जिससे उन्होंने 112 पुलिस बुला ली।
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इसके बाद तीन मई की दोपहर 12.35 बजे वह प्राचार्या से अनुमति लेकर उनके कक्ष में गई। आरोप है कि प्राचार्या उन्हें देखते ही अपशब्दों का प्रयोग किया और उन्हें अपने कक्ष से जाने को कहा। आरोप है कि प्राचार्या ने उनसे हाथापाई की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह छुट्टी लेकर अपने घर चली गईं।
शुक्रवार को महाविद्यालय पहुंचने पर उन्होंने कोतवाली पहुंच कर तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में पूर्व में प्राचार्या की ओर से भी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई थी।
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वर्जन

- तीन मई को मेरे साथ मारपीट करने की कोशिश की गई थी। उस समय परीक्षा चल रही थी। मुझे मेरे ही ऑफिस में बंद कर दिया था। इस मामले में मैंने उसी दिन पुलिस को तहरीर भी दी थी। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई क्योंकि में आयोग से नियुक्त हुई हूं। जिससे प्रबंध समिति द्वारा मुझे पद से हटाने के लिए षड्यंत्र किया जा रहा है। आज विश्वविद्यालय से जांच कमेटी आई थी। जिससे असिस्टेंट प्रोफेसर ने मेरे खिलाफ तहरीर दे दी। मुझ पर लगाए आरोप निराधार हैं। बल्कि मेरे साथ ही अभद्रता और मारपीट की कोशिश की गई।-डॉ. अलका रानी अग्रवाल, प्राचार्या, एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज चंदौसी
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