चंदौसी (संभल)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोहम्मदपुर काशी के अशरफ खां को कार्यवाहक प्रधान के रूप में अधिकृत किया गया है। हालांकि वह वित्तीय अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। साथ ही निर्देश दिए हैं कि उक्त मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में की जाए। बनियाखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर काशी में वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव मतदान हुआ था। जिसमें कहकशा ने अशरफ खां को चार मतों से पराजित किया था। जबकि अशरफ अपनी जीत पक्की मान रहे थे। उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी होने का अंदेशा जाहिर करते हुए पुन: मतगणना कराए जाने की मांग न्यायालय में की। 23 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर उप मजिस्ट्रेट न्यायालय में दोबारा मतगणना हुई। जिसमें पराजित हुए अशरफ खां को 660 और पूर्व में विजयी रही कहकशा को 657 मत मिले। इस तरह तीन मतों से अशरफ को विजयी घोषित कर दिया गया। इसके बाद कहकशा उच्च न्यायालय पहुंच गईं। उच्च न्यायालय ने उपजिलाधिकारी के पुनर्मतगणना के पारित आदेश को रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय के आदेश पर अशरफ खां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद 31 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी में तहसील में फिर मतगणना कराई गई। जिसमें अशरफ तीन मतों विजयी हुई। इसके बाद कहकशा ने दावा किया कि 114 वोट उनके रद्द कर दिए गए। वहीं अशरफ ने कार्यकाल कम रहने की बात कहते हुए उसे प्रधान घोषित करने का दावा किया। इस पर सुप्रीप कोर्ट ने अशराफ को कार्यवाहक प्रधान अधिकृत करने के आदेश दिए। साथ ही अंतिम फैसला न आने तक वित्तिय अधिकारों का प्रयोग पर रोक लगाई है। साथ ही उच्च न्यायालय में रद्द मतों पर सुनावई के लिए जाने को कहा गया है।