संभल। बवाल में शामिल आरोपियों की धरपकड़ शुरू होते ही बवाल वाले इलाके लोगों ने घर छोड़ दिया है। जो लोग उपद्रव में शामिल नहीं थे, वह भी कार्रवाई के डर से घर छोड़ गए हैं। ज्यादातर घरों में ताले लटके हैं। जो घर खुले हैं, उनमें सिर्फ बुजुर्ग ही दिख रहे हैं।
24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जामा मस्जिद के पास, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में बवाल जमकर बवाल हुआ था। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की थी। जिसमें पांच लोगों की जान गई थी। साथ ही कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। पुलिस ने बवाल वाले इलाके के ज्यादातर लोगों को आरोपी बनाया है। इस कारण जामा मस्जिद के आसपास के ज्यादातर घर पर तालाबंदी है। इसी तरह हिंदूपुरा खेड़ा का हाल है। नखासा तिराहा पर ही कुछ चहल पहल दिख रही है। शाम होने के बाद बवाल के इलाके में इंसान की चहल कदमी नहीं दिख रही है। माना जा रहा है कि पुलिस की धरपकड़ शुरू होने के चलते उन लोगों ने भी घर छोड़ दिया है जो बवाल के बाद घरों को लौट आए थे। वहीं, दूसरी ओर एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि जो उपद्रव में शामिल नहीं था उसको भयभीत होने की जरूरत नहीं है। जो उपद्रव में शामिल था उसको जेल भेजा जाएगा।