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Sambhal News: मेघनाद और कुंभकर्ण वध होते ही गूंजा जय श्रीराम

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चंदौसी। नरौली की रामलीला में मेघनाद वध, सुलोचना के सती होने के प्रसंग और कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम की आरती के साथ रामलीला का शुभारंभ हुआ। कुंभकर्ण के वध होते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
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मेघनाद के युद्ध में मारे जाने के बाद उसकी पत्नी सुलोचना सती हो गई। लंका के कई योद्धाओं के मारे जाने के बावजूद रावण को मेघनाद की मृत्यु से गहरा दुख हुआ। रावण ने अपने भाई कुंभकर्ण को जगाने का आदेश दिया। उसे छह महीने सोने का वरदान था। काफी प्रयासों के बाद जगाए जाने पर सेनापति ने उसे युद्ध की स्थिति बताई।
कुंभकर्ण ने रावण को सीता को भगवान श्रीराम को लौटाने की सलाह दी। रावण क्रोधित होकर उसे युद्ध के लिए भेज देता है। भगवान श्रीराम और कुंभकर्ण के बीच भीषण युद्ध हुआ, जिसमें श्रीराम ने कुंभकर्ण का वध कर दिया। रामलीला के बीच-बीच में कलाकारों ने धार्मिक भजनों पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के संरक्षक कुंवर राघवेंद्र सिंह, कुंवर उपेंद्र सिंह, कुंवर शैलेंद्र सिंह और कुंवर शिवेंद्र सिंह मौजूद रहे। अध्यक्ष मुकेश शर्मा और कोषाध्यक्ष विक्की कश्यप भी उपस्थित थे।
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