जिले में जमीन का पानी जहरीला हो गया। इस कारण गांव सिंहपुरसानी, शरीफपुर, लखौरी, चंदावली, मन्नीखेड़ा, भदरौला, न्यावली, महमूदपुर कुंज, भारतल, देहपा, भतावली समेत दस गांवों में जिंदगानी खतरे में पड़ गई है। प्रदूषित पानी से किसी की त्वचा खराब हो रही है तो किसी का लीवर। जल निगम ने सिंहपुरसानी और शरीफपुर के 50 प्रतिशत सरकारी हैंडपंपों के पानी का परीक्षण कराया जिसमें आर्सेनिक, फ्लोराइड तथा आयरन की मात्रा निर्धारित मात्रा से अधिक मिली। इधर, कैंसर से मौतों का सिलसिला जारी है।
प्रदूषित पानी से प्रभावित लखौरी गांव में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंसर पीड़ितों की हिस्ट्री तलाशने पहुंची। टीम ने गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया और दस लोगों को कैंसर पीड़ित माना जिसमें से सात की मौत एक वर्ष के भीतर हो चुकी है। जबकि तीन पीड़ित अभी जीवित हैं जिनका उपचार चल रहा है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर संभल सामुदायिक स्वास्थ्य के चिकित्साधीक्षक डॉ. जुहेब करीम ने कहा कि यह कहना अभी मुश्किल है कि कैंसर प्रदूषित पानी पीने से हुआ। उन्होंने बताया कि टीम ने गांव में ग्राम प्रधान और गांव वालों को अपने संग लेकर सर्वेक्षण किया है। गले में कैंसर के चार, भोजन की नली में कैंसर से दो और ब्रेन ट्यूमर से एक मौत हुई है।
भदरौला गांव निवासी किसान सरदार सिंह (48 वर्ष) पुत्र गोविंदा और लखौरी निवासी अचोकिया पत्नी गरजाम (70वर्ष) की बुधवार को कैंसर से मौत हुई। इसके बाद सीएमओ डा. अमिता सिंह ने लखौरी में बीमारी की वजह तलाशने के लिए टीम भेजी। सर्वे टीम में शामिल चिकित्साधिकारी डॉ. नीरज शर्मा ने बताया कि कैंसर पीड़ितों में कुछ की केस हिस्ट्री धूम्रपान की रही है लेकिन जिन महिलाओं की मौत हुई उनकी हिस्ट्री में किसी तरह के धूम्रपान की बात सामने नहीं आई। इसलिए किसी एक वजह को मौत के कारण के तौर पर चिह्नित करना संभव नहीं है।
पानी उबाल कर पीएं, धूम्रपान से करें परहेज
संभल। चिकित्साधिकारी डा. नीरज शर्मा ने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए धूम्रपान न करने, शराब के सेवन से दूर रहने और स्वच्छ पेयजल का प्रयोग की सलाह ग्रामीणों को दी है। गांव में लोगों ने प्रदूषित पानी को मौत की वजह बताया है लेकिन इसकी पुष्टि किसी शोध के बगैर नहीं हो सकती है। हां, गांव में पानी प्रदूषित है और प्रत्येक परिवार में में एक दो सदस्य त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। जो पानी हैंडपंप उगल रहे हैं वह किसी भी बर्तन में रखें। घंटे दो घंटे में पीला हो जाता है।
एक वर्ष के भीतर सात मौतें हुईं लखौरी में
संभल। लखौरी गांव में एक वर्ष के भीतर गले के कैंसर से अचोकिया (70 वर्ष) पत्नी गजराम, राहुल ( 60 वर्ष) पुत्र कीचक सिंह, सुनीता (55 वर्ष) पत्नी सौराज सिंह, हरचरन (40 वर्ष) पुत्र महराम की मौत हुई है। खाने की नली में कैंसर से सरला (60 वर्ष) पत्नी कृष्णपाल सिंह, कृष्णा (55 वर्ष) पत्नी राजवीर सिंह और दिमाग में गांठ बन जाने से रोहताश (55 वर्ष) पुत्र नारायण सिंह की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी परिजनों से और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक है। इस बारे में सीएमओ को आख्या भेजी जा रही है ताकि अगली कार्रवाई जिला स्तर से हो सके। लखौरी पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम में संजीव कुमार और क्षमा सिंह शामिल थे।
शरीफपुर में कैंसर से तीन वर्षों से दस मौतें
संभल। शरीफपुर गांव के निवासी धीरज कुमार चौधरी और नसीर अहमद ने बताया कि उनके गांव का पानी प्रदूषित है। कैंसर से तीन वर्ष में दस लोगों की मौत हुई है। इस समय पूरे गांव में चार पांच लोग कैंसर पीड़ित हैं। नसीर अहमद ने बताया कि उनके माता-पिता की मौत भी कैंसर से हो चुकी है। गांव में कैंसर की वजह क्या है? इस पर कोई शोध होना चाहिए। वहीं धीरज चौधरी ने कहा कि हमे लगता है कि प्रदूषित पानी से बीमारी फैल रही है।