चंदौसी। नगर से सटे गांव आटा में बंदरों की रहस्यमयी मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। डेढ़ माह पहले दो दर्जन से अधिक और 19 दिसंबर को चार बंदरों की रहस्यमयी मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को एक और बंदर की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा जाएगा।
गांव आटा में नवंबर माह से अब तक गांव में करीब दो दर्जन से अधिक बंदरों की रहस्यमयी ढंग से मौत हो गई है। शुरुआत में पशु पालन विभाग की टीम ने मौका मुआयना करके ही औपचारिकता निभा दी। कुछ दिन बंदरों की मौत का सिलसिला थमा रहा। 19 दिसंबर को चार बंदरों के शव गांव के एक खंडहर में मिले थे।
मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए डीएम ने वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद सोमवार को ही दोनों विभागों की टीम गांव पहुंची और पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश दिए। बृहस्पतिवार की सुबह एक बंदर ग्रामीणों को गांव में गंभीर हालत में नजर आया और कुछ देर बाद ही उस बंदर की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने नरौली के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश पटेल को फोन पर जानकारी दे दी। सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और शव को पैक कर जांच के लिए बहजोई ले गई। बृहस्पतिवार का अवकाश होने की वजह से बंदर के शव को डीप फ्रीजर में रखवा दिया।