चंदौसी (संभल)। संभल हिंसा के आरोपी शारिक साटा गिरोह के सदस्य मुल्ला अफरोज की एक और जमानत अर्जी न्यायालय ने खारिज कर दी है। मुल्ला अफरोज हिंसा संभल हिंसा में हुई चार हत्या के मुकदमों में आरोपी है। इन मुकदमों की सुनवाई जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह के न्यायालय में चल रही है।
बता दें कि 19 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने के दावे के बाद 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान बवाल हो गया था। जिसमें चार लोग बिलाल, अयान, नईम और कैफ की गोली लगने से मौत हो गई थी। मुल्ला अफरोज और उसके साथी गुलाम नबी और वारिस के खिलाफ हत्या के चार मुकदमे दर्ज हैं। शारिक साटा गिरोह के सक्रिय सदस्य मुल्ला अफरोज पर संभल हिंसा में कैफ की हत्या का आरोप है, जिसका मुकदमा थाना नखासा में दर्ज है।
बुधवार को कैफ की हत्या के मुकमदे में मुल्ला अफरोज के अधिवक्ता की ओर से जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में लगाई गई जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि बुधवार को मुल्ला अफरोज की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने जमानत खारिज कर दी। जबकि गुलाम नबी की जमानत अर्जी पहले ही खारिज की जा चुकी है। कोर्ट अब तक 160 जमानत अर्जी खारिज कर चुका है।