चंदौसी (संभल)। डांट से क्षुब्ध सीतापुर निवासी रहमान (21) न सिर्फ घर से भाग आया, बल्कि पिता को परेशान करने के लिए अपहरण का नाटक भी रच दिया। ट्रेन में बैठकर पिता को फोन कर कहा कि पापा मुझे बचा लो, बदमाशों ने मेरा अपहरण कर लिया है। पिता दौड़े-दौड़े थाने में पहुंचे, तो सीतापुर पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस किया।
मोबाइल की लोकेशन चंदौसी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक की मिली। उन्होंने देखा कि लगातार मोबाइल चंदौसी स्टेशन की ओर बढ़ रहा है। सीतापुर पुलिस ने जीआरपी चंदौसी की मदद ली। सूचना पर जीआरपी अलर्ट हो गई। जैसे ही ट्रेन चंदौसी स्टेशन पर पहुंची जीआरपी ने ट्रेन के जनरल कोच से युवक को उतार लिया। फोटो से मिलान कर सूचना सीतापुर पुलिस को दी। ट्रेन में उसके साथ कोई अपहरणकर्ता नहीं मिला। इस तरह रहमान का झूठ सामने आ गया। पुलिस की फटकार पर उसने सब सच उगल दिया।
सीतापुर पुलिस की सर्विलांस टीम रहमान के पिता बरकत अली को लेकर चंदौसी रेलवे स्टेशन पहुंची। बरकत अली सीतापुर में थाना कोतवाली देहात के अंतर्गत ग्राम भगवानपुर चक्करघर के निवासी हैं। उनके चंदौसी पहुंचने पर जीआरपी ने युवक को उनके सुपुर्द कर दिया। -
ऐसे रची झूठी कहानी
युवक ने बताया कि रविवार की रात बदमाशों ने अपहरण किया और सोमवार की सुबह बदायूं के दबतरा ले गए। जहां से वह अपहरणकर्ताओं से छूटकर ट्रेन में चढ़ गया। बरकत अली ने पुलिस को बताया कि मामूली बात को लेकर उन्होंने बेटे को डांट दिया था। जिसकी वजह से वह नाराज होकर घर से निकल गया।
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युवक ने अपहरण की झूठी कहानी रची थी। सीतापुर पुलिस की सूचना पर चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस को चेक किया तो जनरल बोगी में रहमान के साथ कोई अपहरणकर्ता नहीं मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच बोल दिया। युवक को उसके पिता के हवाले कर दिया गया है।
- अनिल वर्मा, सीओ जीआरपी