प्रदेश सरकार द्वारा बहजोई में जिला मुख्यालय की अधिसूचना जारी करने के बाद संभल में विरोध शुरू हो गया। जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के बैनर तले हुई बैठक में लोगों ने काली पट्टी बांधते हुए काला दिवस मनाया। कुछ वक्ताओं ने लोकसभा चुनाव में बहिष्कार करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। संभल में मुख्यालय स्थापित कराने की मांग की।
रविवार को संघर्ष समिति की बैठक मोहल्ला ठेर स्थित गोपाल धर्मशाला में हुई। इसमें सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों ने भी हिस्सा लिया। लोगों ने काली पट्टी बांधकर बहजोई में जिला मुख्यालय का विरोध जताया। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि जिला मुख्यालय संभल का हक है। कौशल सराफ ने कहा कि जिन लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर हमला करके हिंसात्मक कार्रवाई की, उन्हें जिला मुख्यालय दिया गया और जो शांतिपूर्वक तरीके से अपना हक मांग रहे हैं।
उनसे हक छीन लिया गया। मुस्लिम व्यापारी एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि मोदी जी सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि बातें खोखली हैं।
संभल का हक इसलिए नहीं दिया जा रहा क्योंकि संभल मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। मुशीर तरीन ने कहा कि किसी भी जिले की सदर तहसील को जिला मुख्यालय स्वत: ही माना जाता है। संभल में इसके विपरीत बात हो रही है। उन्होंने कहा कि समिति तब तक आवाज उठाएगी जब तक संभल का हक नहीं मिलता।
इस बीच उप जिलाधिकारी राशिद अली खां को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर संभल में जिला मुख्यालय की मांग की गई। बैठक में डा. नाजिम, इनामुर्रहमान खां, रविराज चाहल, हाजी एहतेशाम, सुमित रस्तोगी, नीरज सर्राफ, हाजी बबलू, भगवानदास, उमर एडवोकेट, सुभाष त्यागी एडवोकेट, पवन गुप्ता, कमांडर अली, आसिफ रजा आदि रहे।