चंदौसी (संभल)। गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज के विरोध में दूसरे दिन मंगलवार को भी अधिवक्ताओंं ने रोष जताया। चंदौसी बार एसोसिएशन के नेतृत्व में जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने न्यायालय के बाहर जाम लगाकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद तहसील पहुंचे अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को ज्ञापन देने को लेकर एसडीएम नीतू रानी और सीओ संतोष कुमार से जमकर नोंकझोंक हुई। डीएम को ज्ञापन देने के बाद अधिवक्ता शांत हुए।
चंदौसी बार एसोसिएशन द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि गाजियाबाद प्रकरण में दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध सीबीआई जांच कराई जाए। इस प्रकरण में जिस का भी दोष है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। जो अधिवक्ता इस घटना में घायल हुए हैं उनको मुआवजा दिया जाए। मांग की है कि अधिवक्ताओं के हित में प्रोटेक्शन एक्ट लागू जल्द की जाए। जिससे इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। इस दौरान अध्यक्ष मोहम्मद नजर कुरैशी, सचिव सचिन गोयल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इस दौरान अध्यक्ष तेजेंद्र देव सिंह, सचिव वीरेंद्र कश्यप, नईम अहमद आदि मौजूद रहे।
पुलिस के खिलाफ एसपी के सामने की नारेबाजी
डीएम को ज्ञापन देने के दौरान तहसील गेट पर अधिवक्ता पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। वहीं डीएम के साथ एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी गेट तक पहुंचे। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी सुन कर एसपी रूके नहीं और वह अपने वाहन में बैठकर तहसील से चले गए।
न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
संभल। गाजियाबाद कांड को लेकर संभल बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज होना अधिवक्ताओं का अपमान है। जिसे अधिवक्ता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। जिन पुलिसकर्मियों ने यह लाठीचार्ज की है उन्हें बर्खास्त किया जाए। जिस अधिकारी के इशारे पर किया गया है उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस घटना से देशभर के अधिवक्ताओं में रोष है।