असमोली (संभल)। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ईसीसीई एजूकेटर (ईयरली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन शिक्षक) की नियुक्ति के विरोध में बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने असमोली ब्लॉक में धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति छह मूल कार्यों पर आधारित है। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अलग से भर्ती नहीं होनी चाहिए।
बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं मांगों को लेकर असमोली ब्लॉक में धरने पर बैठ गईं। सोमवती शर्मा ने कहा कि स्कूल पूर्व शिक्षा, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, अनुपूरक पोषाहार व पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति हुई है। जिसे वह निरंतर पूर्ण करती आ रही हैं। इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार से संयुक्त रूप से मात्र छह हजार रुपये का मानदेय मिलता है। कहा कि संगठन के संज्ञान में आया है कि परिषदीय स्कूलों में संचालित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर ईसीसीई एजूकेटर रखे जाएंगे जो आंगनबाड़ी की छह सेवाओं में से मात्र एक सेवा योजना पर कार्य करेंगे। इनको 10313 रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा। साथ ही पीएफ, ईएसआई योजना का लाभ भी दिया जाएगा। यह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के लिए खेद का विषय है। कहा कि उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए व कार्यकर्ताओं को 18 हजार और सहायिकाओं को 9000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि किस मद में कितना रुपया दिया जा रहा है। इसके अलावा ईपीएफ योजना का लाभ भी दिया जाए। 10 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर उन्हें मुख्य सेविका का दर्जा दिया जाए, अतिरिक्त केंद्रों का कार्य कराए जाने पर अतिरिक्त चार्ज दिया जाए। इस दौरान तीन आंगनबाड़ी सोमवती शर्मा, रेखा रानी और दीपा गुप्ता ने भूख हड़ताल करने का दावा किया है।