संभल। जल संरक्षण के लिए तैयार होने वाले अमृत सरोवर सिर्फ कागजों में ओके हैं। लेकिन हकीकत में धरातल पर धराशायी जैसे हालात हैं। सरोवर सूखे पड़े हैं और जिम्मेदार इन्हें पूरे जोरशोर से चलाने का दावा कर रहे हैं।
संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांव रहटोल, खानपुर खुम्मार, सिसौटा, अतौरा, चौकूनी, ऐंचवाड़ा डींगर, बदायूं दरबाजा, अबू नगर, चितावली, भदरौला, भटौला, पल्था, देहपा, शहजादी सराय, माडली समसपुर, सिंहपुरसानी, चंदावली, हजरतनगर गढ़ी, महमूदपुर कुंज, तुर्तीपुर इल्हा, रुस्तमपुर न्यावली में दो अमृत सरोवर निर्मित कराए गए हैं। विभागीय अभिलेखों में इनमें से सिसौटा, अतौरा, अबूनगर, भदरौला, पल्था, देहपा, शहजादी सराय, हजरतनगर गढ़ी में कार्य पूरा हो गया है। लेकिन मौके पर सब धराशायी जैसे हालात हैं। तालाब की खुदाई तो पूरी है लेकिन सीढ़ियों का निर्माण, पौधारोपण और इंटरलॉकिंग नहीं कराया गया।
संभल ब्लॉक क्षेत्र के गांव भदरौला में अमृत सरोवर जैसा कागजों में बताया गया है वैसा दूर-दूर तक नहीं दिख रहा है। अमृत सरोवर पर न मार्निंग वाॅक की व्यवस्था है न पीने के लिए पानी की। रोशनी व बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था होनी थी लेकिन यह भी नहीं है। इसके अलावा सरोवरों में आम, जामुन, पीपल, नीम, बरगद के पौधे और सोलर लाइट लगाकर विकसित करना था पर ऐसा कहीं नहीं है।