भारतीय किसान यूनियन ने मांगों के लिए मंडी समिति से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। इसके बाद पंचायत कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पर सौंपा।
सोमवार को सुबह 11 बजे से भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी व किसान अनाज मंडी समिति में जुटना शुरू हो गए। इसके बाद केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च किया। पंचायत को संबोधित करते हुए मंडल प्रभारी विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की है। इससे सरकार देश भर के कर्ज के बोझ से दबे ऋणी किसानों से रकम जुटाकर आपदा ग्रस्त किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी।
उन्होंने कहा योजना के तहत हर किसान को बीमा कराना अनिवार्य है, जबकि किसान कर्ज के बोझ से पहले से ही दबा है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई कैसे करेगी। यदि जल्द ही संशोधन न किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। मंडलाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह, अमर सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव ने तथा संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पर सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से हर किसान की अनिवार्यता को समाप्त कर स्वेच्छा किया जाए। मानव व जंगली जानवरों से होने वाली फसल की क्षति का मुआवजा शामिल किया जाए। चंद्रपाल सिंह यादव, अफसर अली, रामाशंकर शर्मा हनुमान, दुर्गपाल सिंह, कुंवरपाल सिंह यादव, दलवीर सिंह, हरीशंकर यादव, वीरेश यादव, राघवेंद्र यादव, महेश यादव, सतीश शर्मा व डा.चुन्ना मौजूद रहे।