पूर्ति विभाग की महिमा निराली है। जांच में राशन डीलर के पक्ष में ऐसे दो लोगों के बयान शामिल किए हैं, जो परलोकवासी हो गए हैं। उनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। दोनों के नाम राशन की सूची में भी शामिल हैं। बयानों के आधार पर जांच अधिकारी ने राशन डीलर को क्लीनचिट दे दी है। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के बयान राशन डीलर के पक्ष में शामिल किए हैं, वह भी झूठे हैं। लोगों ने इस मामले में शपथ पत्र देकर झूठे बयान शामिल करने की बात कही है। इसके बावजूद विभाग ने राशन डीलर की जमानत राशि जब्त करने का अनुमोदन करते हुए क्लीनचिट दे दी है। विभाग इस मामले में फिर से जांच कराने का दावा कर रहा है।
संभल जिले के पवांसा ब्लाक क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी प्रेमपाल व अन्य ग्रामीणों ने राशन डीलर पर अभद्रता का आरोप लगाने, राशन कम देने की शिकायत 23 अक्तूबर 2021 को डीएम से की थी। जांच में कम राशन मिलने की शिकायत पर 23 नवंबर 2021 को दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था। राशन डीलर ने स्पष्टीकरण में अपने पक्ष में कुछ ग्रामीणों के शपथ पत्र दिए थे।
इस मामले में डीएम ने पुन: क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को जांच के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर जांच रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रीय तत्कालीक खाद्य अधिकारी कुलदीप जैन ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में 14 मई 2022 को ग्रामीणों व शिकायकर्ताओं के बयान दर्ज किए थे। जांच रिपोर्ट के बिंदु संख्या तीन व पांच में राजेश्वर सिंह और सोनवती पत्नी प्रीतम के बयान दर्ज हैं। उनके राशन कार्ड की संख्या भी लिखी है।
राजेश्वर के बयान में लिखा है कि राशन डीलर से कोई शिकायत नहीं है। वहीं सोनवती के बयान में लिखा है कि उन्हें 15 किलो राशन मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि राजेश्वर सिंह का निधन चार अक्तूबर 2016 और सोनवती का निधन 25 अप्रैल 2020 को हो चुका है। अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति इस दुनिया में ही नहीं है, उनके बयान क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने किस आधार पर दर्ज कर लिए। इन सभी के बावजूद पूर्ति विभाग की रिपोर्ट पर एसडीएम संभल ने जमानत राशि जब्त करते हुए राशन की दुकान का लाइसेंस बहाल करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
जांच के बाद 51 लोगों ने दिए शपथ पत्र
चंदौसी। जांच के बाद नौ जून 2022 को करीब 51 लोगों ने जिला पूर्ति अधिकारी के कार्यालय में अपने शपथ दिए। बताया कि उन्हें जांच में दर्शाया गया है, जबकि वह जांच में शामिल ही नहीं थे। सोमवती पत्नी मुरारा, गुड्डो पत्नी जगदीश ने शपथ पत्र में बताया कि उनसे किसी भी तरह का कोई बयान राशन डीलर के संबंध में नहीं लिया गया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने जमानत जब्त कर लाइसेंस बहाल करने संस्तुति की थी
गांव लालपुर में राशन डीलर की शिकायत के बाद जांच में कम राशन देने के आरोप लगे थे। प्रथम दृष्टया जांच के बाद के बाद राशन की दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। डीलर से स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण में राशन डीलर ने भी कुछ ग्रामीणों के शपथ पत्र अपने पक्ष में जांच अधिकारी को दिए थे। स्पष्टीकरण के परीक्षण के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने जमानत राशि जब्त कर लाइसेंस अनुबंध को बहाल करने का अनुमोदन किया था। साथ ही राशन डीलर द्वारा दिए गए शपथ पत्रों का भौतिक सत्यापन कराने की बात कही थी।
राशन की धांधली को लेकर जांच पड़ताल के लिए मेरे पास कोई भी खाद्यान्न विभाग का अधिकारी बयान दर्ज करने नहीं आया था। चार यूनिट पर राशन डीलर 16 किलो ही खाद्यान्न देते हैं। फर्जी तरीके से मेरा बयान दर्ज कराया गया है जिसको लेकर 15 जुलाई को जिलाधिकारी को शपथ पत्र देकर शिकायत कर जांच की मांग की है।
-गुड्डू देवी राशन कार्ड धारक लालपुर तितरी
ग्रामीणों के द्वारा राशन की धांधली को लेकर जिला खाद्यान्न अधिकारी से शिकायत की गई थी। राजेश्वर पुत्र लखपत की चार अक्तूबर 2016 को सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। जिसका पोस्टमार्टम भी कराया गया है। सोमवती पत्नी प्रीतम की 24 अप्रैल 2020 को कोरोना के समय मौत हुई थी। उनके बयान कैसे दर्ज हुए, इसके बारें में मैं नहीं कह सकती हूं।
-सोमा देवी, ग्राम प्रधान लालपुर तितरी
गांव लालपुर के राशन डीलर की शिकायत पर जांच हुई थी। विभागीय अधिकारी की जांच के आधार पर उसकी दुकान को बहाल करने के आदेश एसडीएम संभल ने कर दिए हैं। गांव में आपसी रंजिश का मामला है। यदि मृतक लोगों के बयान दर्ज हुए हैं, तो किसी ग्रामीण ने दर्ज कराए होंगे। मैं स्वयं इस मामले की जांच कराऊंगा और आरोप सही मिलने पर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-नरेंद्र कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी संभल