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रोजेदारों से भरी रहीं इबादतगाहें, अमन की दुआ को उठे हाथ

Sat, 19 May 2018 12:51 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
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रोजे पर जुमे की नमाज अदा करते रोजेदार। - फोटो : अमर उजाला
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रमजान माह के पहले जुमे की नमाज के लिए नमाजियों में उत्साह दिखा। सिरसी, संभल, सरायतरीन विभिन्न मस्जिदों में नमाजियों ने नमाज अदा की और इस मौके पर उन्हें रोजे के महत्व बताया गया। गुनाहों से तौबा करने और इबादत में मशगूल रहने की सलाह दी गई। नमाजियों ने मुल्क में अमन के लिए दुआ की।  
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बरकत और रहमतों का महीना रमजान आ गया है। रमजान के पहले जुमे को बड़ी संख्या में रोजेदारों ने मस्जिदों में नमाज अदा की। इसके लिए सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गईं थीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में जबरदस्त उत्साह था। तड़के उठे जरूरी कामों से फारिग होकर सहरी की। इसके बाद जुमे की तैयारियों में जुट गए। सफेद कुर्ता-पायजामा, सिर पर सफेद टोपी पहन अपने परिजनों के साथ नमाज के लिए मस्जिद रवाना हुए। बच्चों में माहे रमजान के पांचों वक्त की नमाज के अलावा नमाज ए जुमा पढ़ने को उत्साह नजर आया। 

मुकद्दस रमजान के पहले जुमे को असमोली क्षेत्र के ओबरी गांव की मदीना मस्जिद, मोती मस्जिद, जाफरी मस्जिद में नामज हुई। हाफिज इसरार हुसैन ने जामा मस्जिद में नमाज अदा कराई। जुमे के खुतबे से पहले मौलाना इसरार हुसैन ने 19 वीं शबे कद्र और 21 वीं शबे कद्र तथा 23 वीं शबे कद्र की फजीलत बयान की।
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उन्होंने कहा कि तीनों रातों में जागकर अल्लाह तआला से अपने गुनाहों की तौबा करें। फिजूल की बातों से बचें, किसी भी मोमिन की गीबत न करें, गरीब यतीम बेसहारा लोगों का विशेष खयाल रखें। परवर दिगार की दी हुई इन तीन रातों की फजीलत को समझें। शहबाजपुर कलां, मंसूरपुर माफी, अहरौलामाफी, मनौटा, दबोई कलां, मढन में भी नमाज हुई। बुकनाला सादात और इकरोटिया, नूरियोसराय की  शिया मस्जिदों में नमाज अदा कराई गई।
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