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सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग उठी

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संभल। नगर के हल्लू सराय स्थित चामुंडा कालोनी में राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद की बैठक हुई। इसमें भ्रष्टाचार, आतंकवाद व अलगाववाद जैसी समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष केके मिश्र ने कहा कि परिषद विगत तीन दशक से देश से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। परिषद ने विभिन्न रैलियों, अधिवेशन, कार्याशाला, हस्ताक्षर अभियान व चौपाल लगाकर नागरिकों को भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक किया है। कहा कि स्वतंत्रता के 15 वर्षों के दौरान भ्रष्टाचार शुरू हो गया। जो पिछली सरकारों की भ्रष्टाचार के प्रति दुलभुल नीति का परिणाम था और जनता की परिश्रम की कमाई का हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। जो घोटालों के रूप में सामने आया वह भ्रष्टाचार राजनैतिक भ्रष्टाचार था। कहा कि परिषद तीन दशकों से मांग करती आ रही है कि देश में 10 वर्षों से कार्यरत लोकसभा सदस्य, राज्यसभा सदस्य, विधानसभा सदस्य, विधान परिषद सदस्य, बोर्डों के चेयरमैन, आईएएस, आईपीएस, पीसीएस अधिकारियों व सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवार के हर सदस्य की चल-अचल संपत्ति की जांच की जाए। साथ ही अवैध व आय से अधिक संपत्ति पाए जाने पर उनकी संपत्ति जब्त कर राजकीय कोष में जमा कराई जाए। कहा कि केंद्रीय समिति द्वारा ज्ञापन तैयार किया जा रहा है जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्ति की जांच व शीघ्र निस्तारण की मांग को लेकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृहमंत्री व प्रवर्तन निदेशक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही कहा कि कार्यशाला का आयोजन कर युुवाओं व नागरिकों को 10 सूत्रीय टिप्स देकर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान चलाएगी। इस दौरान डीपी शर्मा, शाहनवाज संभली, ब्रिजेश यादव, होराम सिंह, मोहम्मद अली, हाजी हाशिम अली, विकास, उस्मान, वीरेंद्र, मोहम्मद शाहनवाज, राजकुमार, अवधेश, मानसिंह, अनीस, गुफरान, आबिद अली आदि मौजूद रहे।
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