सिरसी में मजलिस को खिताब फरमाते मौलाना जमाल अब्बास। संवाद
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सिरसी(संभल)। कायनात में जो चीज अल्लाह को पसंद है उसे इल्म (शिक्षा) कहा जाता है। जो रसूल अल्लाह को पसंद है उसे इल्म कहा जाता है। जो अहलेबैत को पसंद है उसे इल्म कहा जाता है। इससे बेहतर कायनात में कोई चीज नहीं है। यह बातें मौलाना जमाल अब्बास ने कही। सिरसी के इमाम बारगाह मोहल्ला शर्की सादात में हुई इसाले सवाब की मजलिस में मर्सिया असद अब्बास और उनके साथियों ने पढ़ा। मजलिस को ईरान से आए मौलाना जमाल अब्बास ने खिताब करते हुए कहा कि इल्म (शिक्षा) हासिल करने से इंसान के अंदर का लालच, घमंड खत्म हो जाता है। जैसे जैसे इल्म बढ़ता जाता है, इंसान की तरक्की के रास्ते खुलते जाते हैं। कुरान के सूरा ए इकरा में पढ़ने का जिक्र है और पढ़ने लिखने का तस्करा है। अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाइए। इससे एक अच्छे समाज का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि अपने घर का माहौल अच्छा रखें ताकि मां, बाप की अच्छी बातें बच्चे सीखें। क्योंकि बच्चा वही जल्दी सीखता है जो उसके सामने किया जाता है। आखिर में नबी ए करीम की बेटी जनाबे फात्मा जहरा के मसाइब बयान किए। जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान मीर सादिक, बाकर, आसिफ इकबाल आदि रहे।