संभल। हमने अपनी तीन बेटियों की शादी के लिए धीरे-धीरे दहेज जमा किया था। घरेलू जेवर भी पास थे। संभल बवाल में तीन गोली लगने से घायल हुए बेटे आलम के इलाज में सबकुछ बिक चुका है। उधार के चक्कर में कर्जदार हो गए हैं। इलाज पर 30 लाख से ज्यादा खर्च होने व चार ऑपरेशन होने के बाद भी बेटा नाजुक हालत में है। हमें इंसाफ चाहिए।
यह कहना है आलम की मां शाहजहां का। सोमवार को वह मीडियो से बातचीत कर रही थीं। रुंधे हुए गले से कहा कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान आलम बिस्कुट बेचने के लिए ठेला लेकर निकला था। रास्ते में भीड़ में फंस गया और पुलिस ने गोली चला दी। शहजहां ने आरोप लगाया कि संभल के तत्कालीन सीओ व वर्तमान में जिला फिरोजाबाद में तैनात एएसपी अनुज चौधरी, तत्कालीन संभल कोतवाल अनुज तोमर ने गोलियां चलाईं और चलवाईं। आलम को तीन गोलियां लगने के बाद हमने पहचान छिपाकर मेरठ में उसका उपचार कराया, ताकि पुलिस केस बताकर डॉक्टर उपचार न रोक दें।
तमाम परेशानियों के बीच पति (आलम के पिता) यामीन ने कोर्ट में अर्जी लगाकर न्याय की मांग की थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाल अनुज तोमर समेत 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शाहजहां बोलीं- अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है, हमें न्याय मिलना चाहिए।