बृहस्पतिवार को संभल के सूअर में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। आलम सराय में तीन और सूअरों की मौत हो गई है। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशु पालकों को एहतियात बरतने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं सीएमओ का कहना है कि आशंका है ये संक्रमण इंसानों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
संभल के मोहल्ला आलम सराय, हातिम सराय, चौधरी सराय, हयातनगर और गांव शाहपुर चमारान में पशु पालकों की मानें तो एक माह में करीब 250 से ज्यादा सूअरों की मौत हो चुकी है। अभी भी मौत का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को भी आलम सराय में तीन और सूअरों की मौत हो गई।
23 जुलाई के अंक में अमर उजाला ने सूअरों की मौत के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसके बाद पशु चिकित्सा विभाग चेता और आलम सराय में बीमार सूअर का नमूूना लेकर जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल भेजा था। संभल तहसील के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। पशु पालकों को एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। साथ ही नगर पालिका की टीम से सैनिटाइजेशन कराया गया है। जो सूअर बीमार हैं उन्हें क्वारंटीन करने के लिए कहा है जिससे अन्य सूअरों में यह संक्रमण न फैले। बताया कि बचाव ही बेहतर उपाए है क्योंकि इस संक्रमण से बचाव का अभी कोई टीका नहीं है।
आलम सराय को संक्रमित जोन घोषित किया
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि आलम सराय से जो सूअर का नमूना लिया गया था। उसमें ही अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसलिए आलम सराय को संक्रमित जोन घोषित किया है। इस इलाके में सूअरों को न लाने और बाहर न भेजने के लिए कहा गया है जिससे संक्रमण न फैल सके।
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के लक्षण
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू घरेलू और जंगली सूअरों में होने वाला बेहद संक्रामक रक्तस्रावी वायरल रोग है। इससे पीड़ित पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर मौत निश्चित है। सुअर में तेज बुखार, लड़खड़ा कर चलना, सफेद सुअर के शरीर पर नीले चकत्ते होना, सुस्ती, खाना-पीना छोड़ना, नाक, आंख से पानी निकलना और मौत से पहले नाक से खून आना आदि लक्षण हैं।
जिले में कैसे फैला अफ्रीकन स्वाइन फ्लू
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि जिस सूअर के नमूने में हुई है। उसके लक्षण और अब तक जितने सूअरों की मौत हुई है उन सभी के लक्षण एक जैसे थे। आशंका है कि सभी की मौत अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से हुई है लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह फैला कैसे। इसके बारे में जब जानकारी पशु चिकित्साधिकारी से की तो उन्होंने बताया कि यह संक्रमण संभल में किसी मानव या सूअर के माध्यम से बाहर से आया है।
न खाएं सूअर का मांस
सूअर संक्रमण की चपेट में कैसे आए इसकी पुष्टि तो हुई नहीं है लेकिन पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार फिलहाल सूअरों का मांस नहीं खाना चाहिए।
अब तक पशु पालकों को हुआ दो करोड़ का नुकसान
एक माह में अब तक करीब 250 से ज्यादा सूअरों की मौत हो चुकी है। पशु पालकों की मानें तो कई ऐसे भी पशु पालक हैं जिनके पास एक भी सूअर नहीं बचा। पशु पालकों के अनुसार करीब दो करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। यदि समय रहते पशु चिकित्सा विभाग चेत जाता तो अन्य जानवर चपेट में आने से बच जाते।
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू होने की जानकारी मुझे नहीं है। यदि किसी जानवर में यह संक्रमण पाया गया है तो इंसानों को ऐसे जानवरों से दूरी बना लेनी चाहिए। यदि मजबूरन जाना पड़े तो पूरी एहतियात बरती जाए। आशंका है कि यह संक्रमण इंसानों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
डॉ. तरन्नुम रजा, सीएमओ, संभल