संभल। रजिस्ट्री विभाग के निजीकरण के विरोध में चल रही अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और कातिब संघ की हड़ताल नौ दिन बाद बुधवार को खत्म हो गई। अधिवक्ता संघ ने बैठक करके आगे की रणनीति बनाई और काम पर लौटने का फैसला किया। इस फैसले के बाद बुधवार को ही रजिस्ट्री भी कराई गईं। बृहस्पतिवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ताओं की हड़ताल से संभल, चंदौसी और गुन्नौर तहसीलों में 60 लाख रुपये से ज्यादा राजस्व प्रभावित हुआ। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार को बैठक में तय हुआ कि अधिवक्ता रोजाना रजिस्ट्री का काम करेंगे पर निजीकरण के खिलाफ ज्ञापन, धरना और कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। संघ ने कहा कि यदि 15 दिन में सरकार ने पूर्णतया: मांग नहीं मानी तो दोबारा आंदोलन तेज होगा।
वहीं, अधिवक्ताओं के काम पर लौटने से उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके बैनामे, वसीयत, गिफ्ट डीड हड़ताल में फंसे थे। बैंक लोन की फाइलें अब आगे बढ़ेंगी। प्रॉपर्टी डीलर, खरीदार-विक्रेता और दस्तावेज लेखकों ने भी फैसले का स्वागत किया है। बताया कि अधिवक्ता जनता को परेशान नहीं करना चाहते, पर रजिस्ट्री जैसा संवेदनशील काम निजी हाथों में देना गलत है। अब अधिवक्ता काम भी करेंगे और लड़ाई भी लड़ेंगे। इस दौरान राजीव भटनागर, रवि कुमार, प्रकाशवीर सिंह, शाहबुद्दीन, रमेश सिंह, प्रवेंद्र सिंह, सचिन चौहान, मनीष आर्य आदि रहे।