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लापरवाही पर एडीओ और पंचायत सचिव निलंबित

Sat, 06 Oct 2018 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ संभल
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बहजोई ब्लाक के धतरा शेख गांव में शौचालय देखते जिलाधिकारी। - फोटो : amar ujala
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चंदौसी।   जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने शुक्रवार को शौचालय निरीक्षण के दौरान एक ग्राम पंचायत सचिव व एक एडीओ (पंचायत) को निलंबित कर दिया है। एक प्रेरक की सेवाएं समाप्त करने का नोटिस जारी किया और प्रधान के वित्तीय अधिकारों को प्रतिबंधित करने के आदेश के साथ साथ खंड विकास अधिकारी समेत तीन अधिकारियों का जवाब तलब किया है। खराब गुणवत्ता व गंभीर वित्तीय अनियमितता बरतने वाले कर्मचारियों व प्रधानों के खिलाफ थानों में एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं।       

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जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के कराए जा रहे शौचालयों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह बहजोई विकास खंड के ग्राम धतरा शेख में पहुंचे। यहां 486 शौचालयों की धनराशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 78 शौचालय ही बने पाए गए हैं। शौचालय निर्माण युद्ध स्तर पर कराने के निर्देशों के बावजूद ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण का कार्य बंद पाया गया। ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान भी सटीक जानकारी नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव चेतन्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकारों को प्रतिबंधित कर दिया। क्योंकि यहां ग्राम पंचायत द्वारा आवंटित धनराशि आहरित करने के बावजूद शौचालय निर्माण नहीं कराया था। विकास खंड स्तर पर खंड प्रेरक प्रदीप कुमार की सेवा समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया है।        
इसके अलावा जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत धतरा शेख में निरीक्षण किया तो यहां भी शौचालय निर्माण में भारी लापरवाही मिलने पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) दिग्विजय सिंह को निलंबित कर दिया। बहजोई ब्लाक क्षेत्र में शौचालय निर्माण में भारी लापरवाही व अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करने पर यहां के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। इसके अलावा न्याय पंचायतवार नियुक्त नोडल अधिकारी, परियोजना निदेशक (जिला ग्राम्य विकास अभिकरण) को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए गए हैं।        
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जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन ग्रामों में शौचालय निर्माण की प्रगति अत्यंत धीमी है ,उन ग्रामों का जनपद स्तर से औचक निरीक्षण कराकर लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे ग्राम जहां शौचालय निर्माण का कार्य अवशेष हैं, वहां पर पर्याप्त मात्रा में प्रशिक्षित राजमिस्त्री एवं सामग्री की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। अधिक लक्ष्य वाले ग्रामों में प्रतिदिन कम से कम 30 राजमिस्त्रियों को लगाकर शौचालय निर्माण का कार्य प्रत्येक दशा में 15 अक्तूबर तक पूर्ण कराया जाए। गुणवत्ता खराब होने, जानबूझकर लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों/ग्राम प्रधानों के विरुद्ध विधिक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गंभीर वित्तीय अनियमितता, गुणवत्ता विहीन शौचालयों का निर्माण मिलने पर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर भी थानों में दर्ज कराई जाएगी।       


डीएम की कार्रवाई से ग्राम पंचायतों में खलबली   
चंदौसी। गांवों को दो अक्तूबर तक ओडीएफ नहीं करने के बाद जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने सख्त तेवर अपनाएं हैं। इससे ग्राम पंचायतों में खलबली मच गई है। कई गांवों में आनन-फानन में कार्य शुरू करा दिया गया है।       
शासन ने लाभार्थी द्वारा ही शौचालयों का निर्माण कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं लेकिन आंशिक बिलारी विकास क्षेत्र की सहित कई ग्राम पंचायतों में प्रधानों व पंचायत सचिवों ने ठेकेदारी पर शौचालयों का निर्माण कराना शुरू कर दिया है, जिसमें घटिया सामग्री लगाने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि खंड विकास अधिकारी शिखर श्रीवास्तव के अनुसार ठेकेदारी पर किसी भी स्थिति में शौचालय का निर्माण प्रतिबंधित है।  

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