गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुक्रवार को लगभग पूरी हो गई है। 0.819 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना बाकी रहा है। इस भूमि पर विवाद है। जिसको जल्द सुलझाने का दावा किया है। बहजोई में सुनवाई के लिए 22 गांवों के 150 किसान पहुंचे थे। इन सभी किसानों की 18 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि का अलग अलग विवाद था। परियोजना में बाबधा न आए इसलिए 13 दिसंबर को सभी किसानों को नोटिस जारी कर सुनवाई में बुलाया गया था। सुनवाई के लिए मुरादाबाद की विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ज्योति सिंह पहुंची थीं। सुनवाई के दौरान 18 हेक्टेयर के स्वामी 150 किसानों से सहमति बन गई। खिरनी में एक पेट्रोल पंप की भूमि अधिग्रहण होनी बाकी है। इस पेट्रोल पंप की भूमि पर दो पक्षों में विवाद है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने बताया कि संभल जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 511 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इसमें 478.092 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। बाकी सरकारी भूमि उपलब्ध है। सुनवाई के दौरान 18 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण पर किसानों से सहमति बन गई है। कार्यदायी संस्था को गंगा एक्सप्रेस-वे की ओर से कब्जा प्रमाण पत्र मिलते ही किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा। अभी अधिग्रहण होने से 0.819 हेक्टेयर भूमि बाकी है। इसका समाधान भी जल्द किया जाएगा।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 594 किलोमीटर लंबे छह लेन का गंगा एक्सप्रेस-वे संभल जिले के 31 गांवों से होकर गुजरना है। 18 दिसंबर को शाहजहांपुर में प्रधानमंत्री गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर चुके हैं। कार्य भी जिले में किया जा रहा है। संभल जिले में करीब 38 किलोमीटर दूरी का हिस्सा शामिल है। इस हिस्से में संभल तहसील के 17 और चंदौसी के 14 गांव शामिल हैं। भूमि का अधिग्रहण जून 2021 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विवादों के चलते कुछ भूमि का अधिग्रहण करने में समय लगा है।
संभल तहसील के गांव सहरा, ततारपुर संदल, निबौरा, खिरनी मुजाहिद्दीनपुर, बसला, लहरशीश, बंजरपुरी, सुजातपुर, कसेरुआ, भटौला, अझरा, ईसापुर सुनवारी, बहादुरपुर उर्फ सराय, रसूलपुर धतरा, करीमपुर, चिरौली भगवंतपुर गांव और चंदौसी तहसील में गंगा एक्सप्रेस वे बल्लमपुर, किरारी, अतरासी, मिर्जापुर अख्तारा, धर्मपुर निकट ढाढोल, राजपुर, बिसारू, लहरावन, अचलपुर, मझोला, रायपुर, फत्तेहपुर समशोई, नगलिया कठेर गांव से होकर गुजरेगा।