चंदौसी (संभल)। न्यायालय ने थाना कुढ़फतेहगढ़ में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी धनंजय पांडेय ने बताया कि थाना कुढ़फतेहगढ़ के प्रभारी निरीक्षक ने वर्ष 2011 में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि गांव बलकरनपुर निवासी सोबरन ने रनवीर व कामेश्वर के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा है। जिसका गैंग लीडर सोबरन है। यह गिरोह लोगों से अवैध रुपये की वसूली करता है। साथ ही डबल मर्डर और जघन्य अपराध में भी यह गिरोह सम्मिलित है। इस गिरोह के खौफ के चलते कोई भी व्यक्ति इनके खिलाफ कोई गवाही व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराता है। थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट संबंधित कार्रवाई की गई। मुकदमे के दौरान रनवीर की मृत्यु हो गई। वहीं कामेश्वर ने अपनी पत्रावली को अलग करा लिया। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संभल स्थित चंदौसी निर्भय नारायण राय के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने सुनवाई के बाद आरोपी सोबरन को दस साल की सजा व पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।