बैलगाड़ी को ओवरटेक करते समय तेज रफ्तार स्कूल बस गुरुवार को सुबह सात बजे पीपलवाला गांव के नजदीक पलट गई। गनीमत रही बस पलटने के बाद सड़क किनारे पेड़ से जाकर टिक गई। जिससे बड़ा हादसा होते होते टल गया।
बहजोई के एंग्लोवैदिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल बस धनारी के पीपलवाला गांव के नजदीक पलट गई। बस पलटने के बाद बच्चों की चीख पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आधा घंटे की मशक्कत के बाद बच्चों को बस से बाहर निकाला गया।
स्कूल बस के चालक ने समय से स्कूल पहुंचने के फेर में रफ्तार बढ़ाई तो सामने से आ रही बैलगाड़ी को ओवरटेक करते समय बस पलट गई। चालक की लापरवाही से बस में सवार 22 मासूमों की जान जोखिम में पड़ गई। बस पलटी तो सड़क किनारे लगे पेड़ ने बच्चों को सुरक्षा दी। बस पेड़ से जा टिकी। बड़ा हादसा होते होते बचा।
फिर भी एक मासूम घायल हो गई।
बस पलटने के बाद बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आनन फानन में ग्रामीणों ने बस में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सभी बच्चों को सकुशल बस से बाहर निकाल लिया गया।
हादसे के वक्त बहजोई के एंग्लोवैदिक सीनियर सेकेन्ड्री पब्लिक स्कूल की बस कृतिया, खलीलपुर व पीपलवाला से बच्चे लेकर कस्बे के नई बस्ती को आ रही थी। कक्षा एक की छात्रा तारुणी पुत्री अनेकपाल निवासी कृतिया घायल हो गई। अनेकपाल ने निजी चिकित्सक से तारुणी का उपचार कराया और अपने साथ घर ले गए।
शशिकांत चला रहा था बस, स्कूल प्रबंधन का दावा उलट
चंदौसी। मौके पर बस चालक से उसका नाम पूछा गया तो उसने अपना नाम शशिकान्त शर्मा निवासी कृतिया बताया। शशिकांत ने बताया कि बस पर खलीलपुर निवासी पप्पू चालक हैं। वह दो दिन से अवकाश पर हैं इसलिए वह बस से बच्चे लेकर जा रहे थे। स्कूल प्रबंधन का दावा इससे ठीक उलट है। प्रबंधक विवेक माहेश्वरी का दावा है कि बस को पप्पू चला रहा था।