असमोली ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत हसनगढ़ में चारा खाने के बाद करीब 150 पशु बीमारी की चपेट में आ गए हैं। दो दिन के अंदर दो पशुओं की मौत हो गई है। लंपी के भी लक्षण इस गांव के पशुओं में दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि निजी पशु चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। सरकारी स्तर से जो टीम आई थी वह खानापूर्ति कर चली गई। गांव के निवासी पशुपालक सुनील कुमार पुत्र शिवलाल के छह पशु बीमार हैं। चंद्रपाल, बबलू, दिनेश आदि ने बताया कि दो दिन पहले एक किसान ने गन्ना छिलवाने के लिए ग्रामीणों को बुलाया था। ग्रामीण गन्ना छीलकर अगोला घर ले गए। इसकी कुट्टी काटकर पशुओं को खिलाई। जिसके बाद पशु बीमार हो गए। दो दिन तक निजी पशु चिकित्सक से उपचार कराते रहे। राजवीर और चंद्रपाल के दो पशुओं की मौत हुई तो अन्य पशु पालकों में खलबली मच गई। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग को जानकारी दी गई। गांव पहुंची टीम ने पशुओं का उपचार किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पशु चिकित्सा विभाग की टीम काफी पशुओं को बिना इलाज के छोड़कर गई है। जो उपचार किया गया है वह भी खानापूर्ति की तरह है। इसलिए निजी पशु चिकित्सक से उपचार करा रहे हैं। इस मामले में जानकारी के लिए असमोली की पशु चिकित्साधिकारी से जानकारी करनी चाही तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। ग्रामीणों का भी यही आरोप है कि पशु चिकित्साधिकारी फोन रिसीव नहीं करती हैं। ऐसे में बेहतर उपचार की उम्मीद क्या की जा सकती है।