अब शहीद के परिजन सोमवार को अनशन नहीं बैठेंगे। इससे पहले सांसद व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया था। लेकिन सुधीश कुमार की शहादत के बाद से ही अन्न त्यागे शहीद के परिवार ने मुख्यमंत्री के गांव में आने की मांग करते हुए पूरे गांव के साथ सोमवार को अनशन पर बैठने की घोषणा की थी।
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल व एएसपी राममूरत यादव ने परिवार की मदद करने तथा शहीद के दिव्यांग भाई को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया है।
पनसुखा मिलक निवासी शहीद सुधीश कुमार 16 अक्तूबर को सीमा पर शहीद हो गए थे। तब से लेकर शहीद के परिजन सीएम को घर बुलाने की मांग कर रहे हैं। मगर अभी तक सीएम गांव नहीं आए हैं। शनिवार को परिजनों ने रविवार की शाम चार बजे सीएम के आने का आश्वासन न मिलने पर सोमवार को भोर से अनशन करने की चेतावनी दी थी।
रविवार को पूरे दिन शहीद के परिजन व गांव के लोग सोमवार से अनशन करने की तैयारी कर रहे थे।
मगर रात आठ बजे भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, जिला पंचायत सदस्य हरेंद्र सिंह व पूर्व प्रमुख नरेंद्र सिंह शहीद के घर पहुंचे। उन्होंने शहीद के परिजनों व गांव के लोगों के साथ सोमवार को अनशन न करने का आह्वान किया लेकिन शहीद परिजन अनशन करने की बात कहते रहे। इसके बाद में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल ने फोन कर अपर पुलिस अधीक्षक राममूरत यादव को भी बुला लिया।
शहीद के परिजनों ने बताया कि घर में शहीद सुधीश कुमार ही नौकरी करते थे। अब कोई कमाने वाला नहीं है। ऐसे में हमारे दिव्यांग बेटे सुधीर कुमार को सरकारी नौकरी दिलाई जाए। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल व एएसपी राम मूरत यादव ने दिव्यांग बेटे को नौकरी दिलाने तथा परिवार की आर्थिक मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही शहीद के परिजनों ने सोमवार को अनशन न करने का एलान किया।