चंदौसी (संभल)। जीएसटी की टीम ने चंदौसी की एए इंडस्ट्रीज पर छापामार ढाई करोड़ की फर्जी फर्मों से खरीदारी पकड़ी। टीम ने फैक्टरी के साढ़े छह घंटे रहकर रिकॉर्ड खंगाला। खरीद के साक्ष्य न मिलने पर टीम ने मौके पर ही फर्म स्वामी से करीब 35 लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया। दिन भर मेंथा व्यापारियों के बीच हलचल रही। एक दूसरे से फोन कर जानकारी लेते रहे।
शुक्रवार को चंदौसी में दोपहर करीब 12 बजे उपायुक्त वाणिज्यकर मुरादाबाद विकास बहादुर चौधरी ने टीम के साथ कैथलगेट स्थित एए इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। यह इंडस्ट्री चंदौसी निवासी आकाश वाष्र्णेय की है। जीएसटी टीम ने अंदर पहुंचते ही फर्म ने मेंथा की खरीद का रिकॉर्ड मांगा। फर्म स्वामी पूरा रिकॉर्ड नहीं दिखा पाए। जो रिकॉर्ड फर्म के पास मिला, उसमें बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर की फर्मों से खरीद दिखाई गई थी। उपायुक्त वाणिज्यकर विकास बहादुर चौधरी ने बताया कि यहां पर बाहरी जनपदों की फर्मों से खरीदारी दिखाई गई। वास्तव में यह सभी फर्मे फर्जी हैं। इनमें से अधिकांश मौके पर है ही नहीं। कागजों में ही फर्म संचालित हैं और कागजों में खरीदारी दिखाई गई। उपायुक्त वाणिज्यकर ने बताया कि टीम ने मौके पर ही फर्म स्वामी पर करीब 35 लाख रुपये जुर्माना लगाया और उसे मौके पर ही जमा करा लिया। टीम में असिस्टेंड कमिश्न वाणिज्यकर रणंजय सिंह यादव, असिस्टेंट कमिश्नर अखिलेश कुमार, सीटीओ देवेंद्र कुमार, सहित आठ सदस्य टीम में थे।
किसी को नहीं जाने दिया अंदर, साढ़े छह घंटे रही टीम:
फर्जी फर्मों से खरीदारी की जांच को पहुंची टीम ने किसी भी फर्म के अंदर नहीं जाने दिया। टीम दोपहर ठीक 12 बजे पहुंच गई थी। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे टीम फर्म से वापस मुरादाबाद लौट गई।
बरेली से ही था फर्जी फर्म से खरीद का इनपुट:
टीम को मुख्यालय से ही फर्जी फर्म से खरीदारी का इनपुट मिला था। अन्य स्थानों पर भी बरेली, शाहजहांपुर की इन फर्जी फर्मों से खरीदारी दिखाई गई। इन फर्मों से चंदौसी की एए इंडस्ट्रीज ने भी खरीदारी दिखाई थी।
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ढाई करोड़ की फर्जी फर्मों से खरीदारी की जांच को आए थे। एए इंडस्ट्रीज ने फर्जी फर्मों से खरीदारी दिखाई थी। उन पर 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उसे मौके पर ही जमा करा लिया। -विकास बहादुर चौधरी, उपायुक्त वाणिज्यकर मुरादाबाद।
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वाणिज्यकर की टीम आई थी। उसने स्टॉक की जांच की है। अन्य कोई गड़बड़ी नहीं मिली। जो स्टाॅक का वैलेंस था, उसे जमा कराया है।
आकाश वाष्र्णेय, प्रोपराइट एए इंडस्ट्रीज कैथल गेट। - टीम में करीब आठ