गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव ईटऊआ निवासी अनिल कुमार ने बताया कि उसकी दो वर्षीय बेटी राखी को दस्त व बुखार की शिकायत हो गई थी। शुक्रवार सुबह नौ बजे करीब वह और उसकी पत्नी नीतू अपनी बेटी को उपचार के लिए बबराला कस्बे के सराफा बाजार स्थित मस्जिद के पास बंगाली क्लीनिक पर ले गया था। जहां झोलाछाप कुमार विश्वास ने बेटी को एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद दंपती अपनी बेटी के साथ चला गया। दुकान से कुछ दूरी जाने पर उसकी बेटी की तबीयत काफी बिगड़ने लगी। जिसके बाद वह फिर बंगाली क्लीनिक पर पहुंचा। जहां झोलाछाप ने दूसरे चिकित्सक के पास भेज दिया।
दंपती बेटी को लेकर जब दूसरे चिकित्सक के पास पहुंचा, तो चिकित्सक ने बेटी को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर सुनकर पीड़ित के अन्य परिजन आ गए। जिन्होंने झोलाछाप की दुकान पर जमकर हंगामा काटा। सूचना पर कोतवाली प्रभारी अखिलेश प्रधान पहुंच गए और उन्होंने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. विराश यादव भी मौके पर आ गए और उन्होंने क्लीनिक को सील किया। कोतवाली प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।