जुनावई(संभल)। थाना क्षेत्र के खेड़ा मानी गांव में रविवार की रात पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। इस दौरान यहां सो रहे बुजुर्ग दंपती को लोगों ने सकुशल बाहर निकाल लिया, लेकिन यहां पर बंधे तीन पशु झुलस गए। इसके साथ ही पशुशाला में रखे ओढ़ने-बिछाने के कपड़ों समेत अन्य सामान जल कर नष्ट हो गया। सूचना पर दमकल भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि तब तक सबकुछ जल चुका था। पीड़ित की ओर से गांव के ही लोगों पर आग लगाने का आरोप लगाया गया है।
खेड़ा मानी गांव के रहने वाले सत्यभान सिंह के मकान के पास ही पशुशाला है, जिसमें छप्पर पड़ा हुआ था। सत्यभान के बुजुर्ग पिता चरन सिंह और मां लीलावती पशुशाला में ही सोते हैं। रविवार की रात करीब 11 बजे अचानक पशुशाला के छप्पर में आग लग गई। आग की लपटों को देख खेत पर फसल की रखवाली को गए सत्यभान दौड़ कर मौके पर पहुंचे और जलती आग से बुजुर्ग मां-बाप को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला। इस घटना में दोनों बुजुर्गों के ओढ़ने-बिछाने के कपड़े व अन्य सामान जल कर नष्ट हो गया है। जलती आग से पशुओं को भी निकाल लिया गया, लेकिन तीन पशु झुलस गए।
सूचना पर दमकल मौके मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग लगभग सबकुछ जला चुकी थी। आग पर काबू पाने का ग्रामीणों द्वारा भरपूर प्रयास किया गया। पीड़ित की ओर से गांव के ही लोगों पर आग लगाने का आरोप लगाया जा रहा है, हालांकि इस मामले अभी तक थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है।