संभल। वंदे भारत और तेजस जैसी आधुनिक ट्रेनों की दौड़ के बीच देश में बात बुलेट ट्रेन की हो रही है। ऐसी बातों से संभल कोसों दूर है। मुरादाबाद-संभल रेल लाइन के बीच पड़ने वाले क्रॉसिंग पर स्टाफ की व्यवस्था नहीं है। क्रॉसिंग पर ट्रेन रोककर गार्ड उतरते हैं। उनके फाटक बंद करने के बाद ट्रेन आगे बढ़ती है। फाटक पार करने के बाद ट्रेन फिर रुकती है और गार्ड साहब फाटक खोलकर सड़क मार्ग के वाहनों का रास्ता क्लियर करते हैं।
संभल के हातिम सराय रेलवे स्टेशन से सप्ताह में पांच दिन एक डीएमयू ट्रेन मुरादाबाद के लिए संचालित होती है। बुधवार और शनिवार का अवकाश तय है। अन्य पांच दिन संभल हातिम सराय रेलवे स्टेशन पर सुबह 9.55 बजे आती है। 10.25 बजे संभल से मुरादाबाद के लिए रवाना होती है।
शाम को 5.55 बजे हातिम सराय स्टेशन ट्रेन पहुंचती है और 6.25 बजे रवाना हो जाती है। इस पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के दौरान अलग तरह के नजारे देखने को मिलते हैं। यह पैसेंजर ट्रेन जब मुरादाबाद से सिरसी पहुंचती है तो संभल-मुरादाबाद मार्ग पर लगा फाटक दो गार्ड उतरकर पहले बंद करते हैं, इसके बाद ट्रेन आगे बढ़ती है।
संभल-असमोली बाईपास पर तो दो गार्डों को लाल झंडी लेकर खड़ा होना पड़ता है और वाहन चालकों को बताना पड़ता है कि ट्रेन आ रही है। ट्रैफिक रुकने के बाद ट्रेन आगे बढ़ती है। इस मार्ग पर कोई फाटक भी नहीं लगा है। रेलवे की उदासीनता से यह स्थिति बनी हुई है। जहां एक ओर देश में मेट्रो ट्रेन दौड़ रही है वहीं दूसरी ओर ऐसी भी ट्रेनों का संचालन हो रहा है जो हर फाटक पर रोकनी पड़ती है। कहने को यह पैसेंजर ट्रेन इलेक्ट्रिक लाइन से दौड़ती है लेकिन फाटक में सुधार नहीं हो सका।
कभी स्टेशन पर रहती थी चहल-पहल
हातिम सराय रेलवे स्टेशन आजादी से पहले से बना हुआ है। बुजुर्गों के अनुसार पहले रेलवे स्टेशन पर काफी चहल पहल रहती थी। लोगों का काफी आना जाना रहता था। समय के साथ रेलवे स्टेशन की हालत जर्जर होती चली गई। इस समय तो यात्रियों के सही से बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। पीने को पानी ही नहीं है।
रेलवे लाइन विस्तारीकरण की उठ रही मांग
संभल से हातिम सराय में रेलवे लाइन खत्म हो जाती हैं। इस रेलवे लाइन को गजरौला से जोड़ने के लिए लंबे समय से मांग उठ रही है। जिससे संभल के लोगों को राहत मिल सके। हालांकि अभी तक इस मांग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के पदाधिकारी लगातार पोस्टकार्ड अभियान चलाकर रेलवे लाइन विस्तारीकरण की मांग उठा रहे हैं।
सिरसी का रेलवे स्टेशन हो गया खंडहर
संभल से मुरादाबाद के लिए चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को सात स्थानों पर ठहरना होता है। इसमें संभल के बाद पहला स्टेशन सिरसी पड़ता है। कभी इस स्टेशन पर टिकट मिला करते थे, लेकिन अब टिकट नहीं मिलते। यदि कोई यात्री सिरसी से संभल जाएगा तो हातिम सराय पहुंचकर टिकट लेना पड़ेगा। यदि मुरादाबाद जाना है तो राजा का सहसपुर जंक्शन से टिकट लेना पड़ता है।
सप्ताह में पांच दिन ट्रेन संचालित होती है। बाईपास मार्ग पर फाटक क्यों नहीं है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। इसके बारे में उच्चाधिकारी ही बता पाएंगे। -सत्यमशु सिंह, कार्यवाहक स्टेशन मास्टर, हातिम सराय