संभल। प्रत्याशी की किस्मत ईवीएम में कैद होने के लिए पंद्रह दिनों का महज समय बचा है। इसके बाद भी चुनावी माहौल दिनभर सुस्त नजर आ रहा है। प्रत्याशी मतदाताओं से जनसंपर्क दिन में नहीं बल्कि रात में कर रहे हैं। यही कारण है जो दिन में चुनाव कार्यालयों पर समर्थकों की भीड़ लगी रहती है। तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है। अब समय 15 दिन से भी कम है। इसके बाद भी जनसंपर्क में तेजी दिखाई नहीं दे रही।
जानकारों का मानना है कि अचानक बढ़ी गर्मी ने माहौल प्रभावित किया है। इसलिए प्रत्याशी दिन में कम रातों में अधिक जनसंपर्क कर रहे हैं। जिससे चुनावी माहौल बन जाए। हालांकि पहले के समय में आचार संहिता लागू होने के बाद से ही जनसंपर्क में तेजी दिखाई देती थी। लेकिन इस बार देश के सबसे बड़े चुनाव में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिल रहा।
सोशल मीडिया बना प्रचार का अड्डा
संभल। प्रत्याशी इस बार गाड़ी घोड़े से नहीं सोशल मीडिया से प्रचार कर रहे हैं। समर्थकों की बड़ी संख्या सुबह से लेकर देर रात तक प्रचार करती देखी जा रही है। हालांकि चुनाव आयोग ने इस बार सोशल मीडिया प्रचार पर भी नजर रखने के लिए कहा है। लेकिन निगरानी टीमें पूरी तरह फैल हो गई हैं। निगरानी टीमों की इस अनदेखी का फायदा समर्थकों के साथ प्रत्याशी भी उठा रहे हैं।